नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। हर परिवार के लिए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बेहद जरूरी है। पॉलिसी धारक की मृत्‍यु होने पर यह परिवार के लिए आर्थिक रूप से मददगार होता है। अगर आपके पास लाइफ इंश्‍योरेंस कवर है तो आपको उसके क्‍लेम की प्रक्रिया अपने परिवार को बता कर रखनी चाहिए। इस खबर में जानिए लाइफ इंश्‍योरेंस का क्‍लेम कैसे किया जाता है और किन-किन दस्‍तावेजों की जरूरत होती है।

Claim Process: पॉलिसी धारक की मृत्‍यु हो जाने पर आश्रितों को इंश्योरेंस कंपनी को पॉलिसी नंबर, बीमित व्यक्ति का नाम, मौत की तारीख, स्थान और कारण, इत्यादि जैसे डिटेल की एक लिखित सूचना भेजनी चाहिए। इसके लिए आप अपने नजदीकी ब्रांच से सूचना फॉर्म ले सकते हैं या ऑफिशियल वेबसाइट से इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

Documents: क्‍लेम फॉर्म जमा करते समय, डेथ सर्टिफिकेट, बीमित व्यक्ति का आयु प्रमाण, पॉलिसी दस्तावेज, डीड्स ऑफ असाइनमेंट आदि दस्‍तावेज दाखिल करें। यदि एक पॉलिसी धारक की मौत, लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के तीन साल के भीतर हो जाती है तो कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी पेश करने पड़ते हैं। इनमें - अस्पताल का प्रमाणपत्र यदि मृत व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती किया गया था, घटना के दौरान उपस्थित व्यक्ति से दाह-संस्कार या दफन का प्रमाणपत्र, नियोक्ता का प्रमाणपत्र यदि मृत व्यक्ति नौकरी करता था, बीमारी के विवरणों का उल्लेख करते हुए एक मेडिकल अटेंडेंट का प्रमाणपत्र शामिल है।

Claim Settlement: IRDAI के नियमानुसार, बीमा कंपनियों को बीमे की रकम क्लेम करने के 30 दिन के भीतर जारी कर देनी चाहिए। यदि इंश्योरेंस कंपनी को अतिरिक्त छानबीन करने की जरूरत हो तो भुगतान प्रदान करने की प्रक्रिया, क्लेम प्राप्त होने के बाद 6 महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। 

Posted By: Nitesh

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