उम्र का बढ़ना दिल को कमजोर करने के लिए नहीं है। खासतौर पर तब, जब लंबे मेडिकल बिलों की संख्या को बढ़ता हुआ देखते हैं। यदि रिटायरमेंट के बाद पेंशन या बचत के ब्याज पर जीवनयापन की योजना बना रहे हैं तो उपयुक्त वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना आपकी बचत को बर्बाद होने से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

आज साठ वर्ष से ऊपर के लोगों को कवर करने वाली पॉलिसी को खोजना मुश्किल नहीं है। कोई अंतराल डाले नियमित रूप से उसका नवीकरण कराया जाता है तो जीवन भर के लिए कवरेज मिलता है। कवरेज की राशि, नवीकरण पर अधिकतम उम्र, विशिष्ट बीमारियों का कवरेज और दावा व प्रतिपूर्ति के बीच प्रतीक्षा समय जैसे कुछ बिंदु हैं, जिन पर पॉलिसी की तुलना करने से पहले ध्यान देना चाहिए। एक बार पसंद की पॉलिसी चुनने पर खर्चों पर पूर्व निर्धारित स्वास्थ्य की जांच से गुजरना होता है। प्रस्ताव स्वीकार होने पर कंपनी द्वारा इस तरह की लागत के कम से कम 50 फीसद हिस्से की प्रतिपूर्ति की जाती है।

क्या होता है कवर
वरिष्ठ नागरिकों की पॉलिसी में एंबुलेंस चार्ज, बीमारी या चोट लगने पर अस्पताल के खर्चों के साथ 30-60 दिनों की अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती होने के पहले व बाद के खर्चे शामिल किए जाते हैं। पंजीकृत आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी अस्पताल में भर्ती होने को सीमित कवर इन पॉलिसियों में शामिल होता है।

क्या कवर नहीं होता
बीमा लेने के 30 दिनों के भीतर होने वाली बीमारी इसमें कवर नहीं होती। दुर्बलता व सामान्य कमजोरी, दुर्घटनाओं से इतर होने वाले डेंटल ट्रीटमेंट, यौन संचारित रोग, कॉस्मेटिक सर्जरी, टीकाकरण व केवल जांच के लिए एडमिशन इस तरह की पॉलिसी में शामिल नहीं होते।

कैसे किया जा सकता है दावा
इस पॉलिसी के तहत दावा थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के जरिये किया जा सकता है। एक समय बीमा कंपनी साठ वर्ष से अधिक की उम्र वाले नागरिकों को कवरेज प्रदान करने में हिचकती थीं। लेकिन अब बीमा नियामक के निर्देश के बाद 65 वर्ष की आयु तक वाले नागरिकों को कवरेज प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है।
डॉ. प्रकाश
ईडी, स्टार हेल्थ एंड एलॉयड इंश्योरेंस

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