नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सितंबर से लेकर जनवरी तक का महीना देश के भीतर और खासकर के विदेश यात्रा के लिए सबसे बिजी पीरियड माना जाता है। ये वो कुछ महीने होते हैं जब विदेश पढ़ने वाले बच्चे देश में छुट्टियां बिताकर वापस लौट रहे होते हैं या फिर माता-पिता या दादा-दादी विदेश में रह रहे अपने बच्चों से मिलने (उनके साथ छिट्टियां बिताने) की तैयारी कर रहे होते हैं। आमतौर पर विदेश यात्रा करने वाले लोग ट्रेवल इंश्योरेंस लेते ही हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि विदेश में इलाज कराना काफी खर्चीला होता है। अमेरिका में कार्डिएक सर्जरी के लिए औसत रुप से एक लाख डॉलर का खर्चा आता है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ विदेश यात्रा के दौरान ही आपके लिए मददगार होता है बल्कि डोमेस्टिक ट्रैवलर्स के लिए भी यह फायदेमंद साबित होता है। हम अपनी खबर में आपको ट्रैवल इंश्योरेंस से जुड़ी हर जानकारी दे रहे हैं।

आखिर क्या होता है ट्रैवल इंश्योरेंस?

यह एक खास किस्म का इंश्योरेंस होता है, जो कि यात्रा के दौरान (देश के भीतर या बाहर), मेडिकल खर्चों, ट्रिप कैंसिल होने, सामान खोने, फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने या अन्य नुकसान की सूरत में आपको सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसे में यात्रा के दौरान आने वाली तमाम परेशानियों से बचने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस एक बेहतर विकल्प है। यह न सिर्फ आपको सफर में आने वाली तमाम मुसीबतों से बचाता है, बल्कि यह रास्ते में होने वाली समस्या से हुए नुकसान की भरपाई भी करता है।

क्या आपको ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत है?

अगर आप यूरोपीय देशों या अन्य किसी खास देश में छुट्टियां बिताने जा रहे हैं, तो आपके लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी है। वहीं छोटी घरेलू यात्रा के लिए अमूमन इसकी जरूरत नहीं पड़ती है। हां अगर आप लंबे टूर पर जा रहे हैं, तो चोरी और ट्रिप कैंसलेशन का कवर ले सकते हैं।

कितना कवर लेना जरूरी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह आपकी ट्रैवल कॉस्ट का 4-8 फीसद होना चाहिए। इंश्योरेंस कंपनियां आमतौर पर कई कैटेगरी के तहत फिक्स्ड ऑप्शन देती हैं। इसकी रेंज 15,000-5,0000 डॉलर तक होती है, जो यात्रा की अवधि, बेनेफिट्स और ट्रैवल से जुड़े एरिया पर निर्भर करती है।

क्या हैं इसके फायदे?

  • फ्लाइट डिले होने या कैंसिल होने से अगर आपकी यात्रा में देरी होती है तो ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार होता है। इस देरी के कारण इस दौरान होने वाले खर्च जैसे की खाना-पीना या होटल में रुकने का खर्चा भी कवर होता है।
  • यात्रा के दौरान अगर आपका सामान खो जाता है या चोरी हो जाता है, तब भी इंश्योरेंस कवर इसमें मददगार होता है। बैग खोना भी इसमें शामिल होता है।
  • यात्रा के दौरान अगर किसी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में भी ट्रैवल इंश्योरेंस के पालिसी में तय कवरेज के हिसाब से आपके परिजनों को मदद दी जाती है।
  • वहीं अगर यात्रा के दौरान कोई यात्री सदस्य अगर बीमार हो जाता है, या उसका एक्सीडेंट हो जाता है तब हास्पिटल का सारा खर्चा ट्रैवल इंश्योरेंस के कवर में शामिल होता है।

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परिजनों से जरूर शेयर करें अपने निवेश की जानकारी, होंगे ये फायदे

Posted By: Praveen Dwivedi