बीमा के निपटारे को लेकर आपकी कंपनी का क्या रिकार्ड है?
-सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहूंगा कि हमारी कंपनी आज जीवन बीमा क्षेत्र की एक अग्रणी निजी कंपनी बन गई है, तो इसके लिए दावों को तेजी से निपटाने की हमारी रणनीति ही प्रमुख तौर पर जिम्मेदार है। अगर अप्रैल से जून के आंकड़ों के बारे में बताएं तो इस दौरान हमने 98.47 फीसद दावों का भुगतान किया है। पिछले वित्त वर्ष हमने 1.26 लाख दावों के तहत 738 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। अगर हमारे ग्राहक कागजों के देखभाल में थोड़ी समझदारी दिखाएं, तो और ज्यादा दावों का भुगतान किया जा सकता है। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि दावों को तेजी से निपटाने की प्रक्रिया और तेज हो। मसलन, पिछले वित्त वर्ष में हमने औसतन 16 दिनों में दावों का निपटान किया था तो इस वित्त वर्ष महज 11 दिनों का समय ले रहे हैं। 97 फीसद से ज्यादा दावों का निपटान तो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिये ही हो रहा है। दावों के भुगतान को लेकर ऐसा रिकॉर्ड बहुत ही कम कंपनियों का है।

यह कैसे संभव हुआ है?
-बजाज एलायंज लाइफ इंश्योरेंस ने शुरुआत से ग्राहकों के दावों के तत्परता से निपटाने को सबसे ज्यादा ध्यान देती है। इसके पीछे सोच यह है कि बीमा कंपनी की असली जरूरत बीमित व्यक्ति या उसके आश्रितों को तब होती है, जब उसके साथ कोई हादसा हो जाए या बीमित व्यक्ति की मौत हो जाए। देखिए, सबसे अच्छा तो यह है कि बीमित व्यक्ति को कुछ न हो। लेकिन हादसों या अनहोनी पर किसी का जोर नहीं होता। अगर उसके साथ कुछ हो जाता है तो हम उसके परिवार के लोगों के साथ किए गए अपने वादों को बगैर किसी देरी के पूरा करना चाहते हैं। दावों का भुगतान तेजी से हो, इसके लिए हमने अपने 700 से ज्यादा कार्यालयों को तकनीकी तौर पर इतना सक्षम बना दिया है कि वह अधिकांश फैसले अपने स्तर पर ही कर लेते हैं। कागजों को हेड ऑफिस भेजने से पहले ही काफी काम हो जाता है। इसके लिए कागजों के पहुंचने का इंतजार नहीं किया जाता। जिस दिन दावा किया जाता है, उसके दो दिन के भीतर हम उसका भौतिक सत्यापन करवा लेते हैं। कई बार ग्राहकों को अलग से मदद चाहिए होता है, हम उसे भी प्रदान करते हैं। अगर किसी कारणवश बीमा के दावे का भुगतान 30 दिनों के भीतर नहीं हो पाता है तो हम उसके बाद 10.5 फीसद की दर से मुआवजा भी देते हैं।

दावे का भुगतान जल्दी हो इसके लिए ग्र्राहकों को क्या करना चाहिए?
-सबसे पहले तो बीमा करवाने के तुरंत बाद अपने घरवालों को या करीबी लोगों को उसके बारे में जानकारी जरूर देनी चाहिए। कितने का बीमा करवाया, किससे करवाया, कौन एजेंट है, इसकी जानकारी नामित व्यक्ति को जरूर होनी चाहिए। कई बार लोग घर में नहीं बताते और असमय मृत्यु होने के काफी समय बाद परिवार को मालूम चलता है कि उनकी कोई पॉलिसी भी थी। इस वजह से काफी दिक्कतें आती हैं।
दूसरी बात यह है कि बीमा करवाते समय अपने बारे में सभी जानकारी सही सही देनी चाहिए। खास तौर पर अगर ऐसी पॉलिसी है, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी बातों का जिक्र है तो उसमेंं सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। अपनी उम्र व बीमारी वगैरह के बारे में एकदम सटीक जानकारी दीजिए। अगर पहले कोई गलत जानकारी दे चुके हैं तो भी परेशान होने की बात नहीं है, क्योंकि बाद में आप इसमें सुधार कर सकते हैं। एक बीमा ग्राहक के तौर पर हम एक सामान्य गलती यह करते हैं कि एक बार पॉलिसी होने के बाद उसमें बदलाव नहीं करते। मसलन, आपने जिस व्यक्ति को नामित किया है इसमें बदलाव करना चाहते हैं तो वह भी कर सकते हैं।
रवि कुटुंबराव
हेड (ऑपरेशंस), बजाज एलायंज लाइफ इंश्योरेंस

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