मैंने दो हजार आठ में एलआइसी के मार्केट प्लस में अपने एजेंट के कहने से पैसा लगाया था। मैं लगातार अपना प्रीमियम भी भर रहा हूं। लेकिन अभी अपने एजेंट से पता चला कि मेरा पैसा 2 लाख से घटकर 1 लाख 56 हजार ही रह गया है। मुझे क्या करना चाहिए?

एलआइसी की मार्केट प्लस योजना एक यूलिप प्लान है। यह शेयर बाजार के जोखिमों से जुड़ी है। कई बीमा एजेंटों ने बाजार में आकर्षक रिटर्न के नाम पर इस तरह की बीमा पॉलिसी की खूब मार्केटिंग की। इसमें बाजार के पूर्व प्रदर्शन को आधार बनाकर भविष्य में इसी तरह के रिटर्न का वायदा किया गया। इससे प्रभावित होकर कई निवेशकों ने टैक्स बचाने और बाजार में निवेश के जरिये बेहतर रिटर्न की आशा में यूलिप योजनाओं में निवेश किया। 2008 के बाद बाजारों का प्रदर्शन औसत से भी कम रहा जिसकी वजह से बीमा योजना का एनएवी (नेट एसेट वैल्यू) अपने वास्तविक निवेश से भी कम रह गया।

हमारी राय में यूलिप में निवेशकों को लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए, क्योंकि इनमें 10 वर्ष से कम के निवेश पर फायदा नहीं होता। अगर आप आवश्यक प्रीमियम का भुगतान कर चुके हैं और आगे निवेश नहीं करना चाहते तो न करें। लेकिन अपने निवेश को निकालने यानी पॉलिसी सरेंडर करने से नुकसान होगा। इंतजार करें और बीमा योजनाओं में निवेश से पहले अपने एजेंट से कुछ जरूरी सवाल करना न भूलें।

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