नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। टर्म प्लान इंश्योरेंस पॉलिसी का सबसे विशुद्ध स्वरूप होता है। जीवन बीमा लेने का सबसे सरल तरीका टर्म इंश्योरेंस ही होता है। इसमें बीमा लेने वाला व्यक्ति एक निश्चित समय तक प्रीमियम का भुगतान करता रहता है। यदि निश्चित अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो सम एश्योर्ड या एक मुश्त राशि उसके परिवार या नॉमिनी को दे दी जाती है। टर्म प्लान में हर साल मामूली प्रीमियम देने के बाद आपको कुछ विशेष सालों के लिए कवर उपलब्ध करवाया जाता है। आमतौर पर टर्म पॉलिसी 10 साल,15 साल, 20 साल, 25 साल और 30 सालों के लिए ली जाती हैं।

टर्म इंश्योरेंस खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें:

न्यूनतम कवर: न्यूनतम कवर के लिए एक व्यक्ति की जरूरत दूसरे व्यक्ति से अलग हो सकती है। लेकिन कहा जाता है कि एक कमाने वाले सदस्य के पास उसकी वार्षिक आय का कम से कम 10 गुना बीमा होना चाहिए। साथ ही, यह भी सलाह दी जाती है कि आप अपनी आय में वृद्धि के साथ कवर बढ़ाएं या अतिरिक्त टर्म इंश्योरेंस खरीदें।

टर्म इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम: टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम तीन फैक्टर पर निर्भर करता है- मसलन उम्र, कवरेज की राशि और टर्म। एक ही उम्र, अवधि और जीवन कवर के लिए, प्रीमियम राशि बीमाकर्ता से बीमाकर्ता के लिए अलग-अलग होगी। इसलिए टर्म इंश्योरेंस खरीदने से पहले ऑनलाइन तुलना करना उचित है।

कितने तरह के होते हैं टर्म इंश्योरेंस: उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की बीमा जरूरतें भी बढ़ती हैं। कुछ बीमा कंपनियां ऐसी योजनाओं की पेशकश करती हैं जो बीमा राशि में वृद्धि या कमी के साथ आती हैं।

नामांकन: यह टर्म इंश्योरेंस में सबसे महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बीमा की आय आपकी मृत्यु के मामले में जिसके नाम का उल्लेख आपने किया है उसको मिलती है, इसलिए आपको बीमा खरीदते समय नॉमिनी का डिटेल भरना चाहिए। 

Posted By: Nitesh

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