आज की भाग दौड़ की जिंदगी में बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं, जो काम व व्यक्तिगत जिंदगी के बीच बेहतर तालमेल बिठाते हों। आम तौर तो यही होता है कि हर प्रोफेशनल व्यक्ति अपने काम में इतना मशरूफ होता है कि उसे अपने परिवार या दोस्तों के साथ वक्त गुजारने का मौका ही नहीं मिलता। ऐसे में एक लंबा सप्ताहांत किसे पसंद नहीं आएगा। अच्छी बात यह है कि अगले तीन महीनोंं के दौरान आपको लंबे सप्ताहांत यानी वीकेंड के कई मौके मिलेंगे। बस आप तैयारी कीजिए कुछ सकून भरे पल अपने परिवार व दोस्तों के साथ गुजारने के लिए।

थोड़ी सी तैयारी से आप एक अक्टूबर से चार अक्टूबर के बीच, 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच, 11 नवंबर से 15 नवंबर के बीच व 23 नवंंबर से 27 नवंबर के बीच लंबी छुट्टियों पर जा सकते हैं। इन चारों सप्ताहांत में आपको बस एक छुट्टी लेनी पड़ेगी। बाकी शनिवार, रविवार व कोई एक आधिकारिक छुट्टी है। इस समय कई वजहों से भी छुट्टियों के लिए यह एक बहुत ही अच्छा समय है। एक तो मंदी की वजह से होटलोें के किराये सस्ते हैंं और दूसरा हवाई किराये भी बहुत ही कम हो चले हैं। इन छुट्टियों में आप देश के अलावा विदेश मसलन दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का दौरा भी कर सकते हैं।

छुट्टियां लंबी हो या बड़ी वह होनी यादगार चाहिए। यह तभी होगी, जब यह खुशनुमा व सुरक्षित माहौल में हो। यात्रा की तारीख तय करने से लेकर होटलों व एयरलाइंस की बुकिंग करने तक में सावधानी बरतनी पड़ती है। आपको विदेशी मुद्रा का इंतजाम करना पड़ता है, वीजा के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ती है। लेकिन यह यात्रा तभी खुशनुमा होगी, जब आपके पास एक बेहतरीन ट्रैवल इंश्योरेंस हो। बहुत सारे लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, इसलिए उन्हें बाद में पछताना पड़ता है।

फर्ज कीजिए, आपने अपनी जिंदगी के सबसे बेहतरीन तीन-चार दिन गुजारने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचते हैं। वहां पहुंचते ही आपको पता चलता है कि एयरलाइन ने आपका सामान पहुंचाया ही नहीं। आप अमेरिका में बेहतरीन समय गुजार रहे हों, किसी रेस्टोरेंट में लजीज फूड का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन यह आप फूड पॉयजनिंग के शिकार हो जाते हैं। अस्पताल जाना पड़ता है। इससे भी बुरा यह हो सकता है कि इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर आप सुनामी में फंस जाते हैं। आप इन सभी मुसीबतों से आसानी से निपट सकते हैं, अगर आपके पास एक अच्छी किस्म का ट्रैवल इंश्योरेंस हो तो।

हमारे पास ट्रैवल इंश्योरेंस से संबंधित जो डाटा उपलब्ध है, उसके मुताबिक भारतीय पर्यटकों को आम तौर पर विदेशी जमीन पर दुर्घटना व ट्रैवल से जुड़ी आपातकालीन सेवा, पार्सपोर्ट या सामान की चोरी जैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। आपके लिए अच्छी बात यह है कि ट्रैवल इंश्योरेंस से उक्त सभी हानियों की क्षतिपूर्ति आप कर सकते हैं। अब आप विदेशों मे होने वाली दुर्घटना या बीमारी का उदाहरण ले। विदेशी जमीन पर दुर्घटना होने पर न सिर्फ अनाप-शनाप खर्चे होते हैं, बल्कि यह मानसिक हानि भी बहुत ज्यादा देता है।

वैसे भी आम जनता बहुत ही कम विदेशी मुद्रा लेकर विदेश दौरे पर जाती है। लेकिन एक ट्रैवल इंश्योरेंस हो तो आप इन सभी मुसीबतों से होने वाली आर्थिक हानि से साफ बच जाते हैं। कई बार एयरलाइनें फ्लाइट रद कर देती हैं या प्राकृतिक वजहों से काफी परेशानी झेलनी पड़ती है मसलन एयरपोर्ट का बंद होना, आदि। इन सभी से होने वाले आर्थिक बोझ भी बीमा से कम किया जा सकता है। कई बार लगेज एयरलाइंस की गलती की वजह से किसी दूसरे देश में चला जाता है। आपातकालीन परिस्थिति में नए कपड़े वगैरह खरीदने पड़ते हैं। इस खर्चे की भरपाई ट्रैवल इंश्योरेंस से संभव है। कई बीमा लूट-मार से भी सुरक्षा देते हैैं। यानी विदेश में सामान चोरी हो जाए या फिर पासपोर्ट खो जाए तो उसे फिर से जारी करने का खर्च भी बीमा कंपनी उठाती है।
सुरेश सुगथन
प्रमुख (स्वास्थ्य व यात्रा बीमा)
बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेस

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