नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आधार को कई सेवाओं से जोड़ने के लिए समय सीमा बढ़ा दी गई है। इनमें आधार को बैंक एकाउंट, म्युचुअल फंड्स और इंश्योरेंस पॉलिसी से जोड़ना अनिवार्य था। लेकिन नियामक, बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने स्पष्ट किया है कि नई इंश्योरेस पॉलिसी खरीदने के लिए आधार जरूरी नहीं है।

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण इरडा ने इस बात को स्पष्ट किया है कि इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए आधार जरूरी नहीं है। बाजार नियामक ने सर्कुलर जारी कर कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी को आधार से लिंक करने की तारीख तब तक के लिए बढ़ा दी गई है जब तक कि इसपर अगला फैसला नहीं आ जाता।”

साथ ही नियामक ने भी स्पष्ट किया है कि नई इंश्योरेंस पॉलिसी के शुरू होने के छह महीनों के भीतर बीमाधारक को अपना आधार नंबर और पैन या फिर फार्म 60 बीमाकर्ता को जमा करना होगा। नियामक ने कहा, “आधार न होने की स्थिति में ग्राहक को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग नियमों के तहत उल्लेख किये गये में से कोई भी आधिकारिक दस्तावेज जमा करना होगा।”

इन नियमों के तहत बताया गया है कि आधिकारिक दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मुख्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी वोटर आईडी, महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट के तहत जारी जॉब कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं। पैन को छोड़कर अन्य सभी दस्तावेज पहचान और पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किये जा सकते हैं। पैन का इस्तेमाल केवल पहचान के लिए होता है।

By Surbhi Jain