नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आपके पास गाड़ी है तो उसका बीमा कराना बहुत जरूरी है। भारत में थर्ड पार्टी कार इंश्योरेंस होना अनिवार्य है, लेकिन आम तौर पर लोग एक व्यापक बीमा पॉलिसी खरीदते हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कब और किन हालात में आपका मोटर बीमा रिजेक्ट हो सकता है।

बीमाधारक को अपनी कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के 48 घंटे से 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को बता देना चाहिए। इस बहाने भी आपके दावे को अस्वीकार किया जा सकता है।

यदि आप अपने निजी वाहन को कमर्शियल वाहन के रूप में उपयोग करते हैं तो बीमा दावा अस्वीकृत हो जाएगा।

आपको हमेशा ड्राइविंग लाइसेंस रखना चाहिए। नहीं तो बीमित वाहन चालक को कोई दावा नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा, अगर आप लाइसेंस नहीं ले रहे हैं, तो आप कानूनी फेरे में पड़ सकते हैं।

आपके वाहन का दुर्घटना के बाद मिलने वाले नुकसान की भरपाई भी बीमा कंपनी द्वारा कवर नहीं किया जाता है। इसलिए, यदि आप उसी का उल्लेख करते हैं, तो भी दावा निश्चित रूप से खारिज हो जाएगा।

दुर्घटना के बाद खुद के पैसे के बदौलत अपनी कार की मरम्मत न करें। इसके बारे में बीमा कंपनी को सूचित करें। यदि आप पहले ही इस मैटर को बीमा कंपनी के साथ नहीं सुलझाते हैं तो उस स्थिति में आपके दावे खारिज हो सकते हैं। बीमा एजेंट को नुकसान का निरीक्षण करने दें, नुकसान की लागत का अनुमान लगाएं और अपने नुकसान की मरम्मत के लिए दावा मिलने में मदद करें।

अपने वाहन को बेचने के समय बीमा पॉलिसी को नए मालिक को ट्रांसफर कर दें। इसके अलावा गाड़ी चलाते वक़्त आप शराब के नशे में न रहें।

ग्राहक पॉलिसी खरीदते समय CNG/LPG किट को कवर नहीं करने की गलती करते हैं। ऐसे में आपके दावे को अस्वीकार किए जाने की अधिक संभावना रहती है।

 

Posted By: Nitesh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप