नई दिल्ली, सुब्रमण्यम ब्रह्मजोस्युला। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया भर में होने वाली मौतों में कार्डियोवैस्कुलर डेथ (सीवीडी) का योगदान 32% के आस-पास होने का अनुमान है। पहले कार्डियोवैस्कुलर स्थिति सिर्फ बुजुर्गों को प्रभावित करती थी लेकिन हाल के समय में युवा पीढ़ी में भी इससे प्रभावित होने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आधुनिक जीवनशैली के तनाव और परेशानियां निश्चित रूप से इसमें योगदान करती हैं और इसीलिए हृदय से संबंधित बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में इससे बचना मुश्किल है और हृदय के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

इस बार वर्ल्‍ड हार्ट डे पर आपको चाहिए कि एक क्षण रुककर इस बात पर विचार करें कि कैसे अपने और अपने हृदय का अच्छा ख्याल रख सकते हैं। वह दिन जिसे इस महत्वपूर्ण अंग के महत्व के लिए निर्धारित किया गया है, आइए, उस दिन इसकी रक्षा का संकल्प लें।

अपने हृदय को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए सही क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस कराएं - अपने हृदय और स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए कई उपाय करने के बावजूद आप अनिश्चितताओं के शिकार हो सकते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि एक मजबूत बीमा योजना का समर्थन भी हो। कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज की उच्च लागत को मद्देनजर रखते हुये संभव है कि सामान्य मेडिकल इनडेमिनिटी योजना पर्याप्त न हो। ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आपको सिर्फ अस्‍पताल में दाखिल होने के खर्च की चिन्ता नहीं करनी होती है। इस बात का ख्याल रखिए कि गंभीर बीमारी का इलाज लंबे समय तक चलता है।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अगर आप इलाज के लिए किसी और शहर में जाना चाहें तो दवाइयों और यात्रा खर्च की भी आवश्यकता हो सकती है। ऐसे कई अन्य खर्चे हो सकते हैं जबकि इलाज के लिए अगर आपको दूसरे शहर में रहना पड़े तो आपको छुट्टी लेनी पड़ेगी, वेतन नहीं मिलेगा आदि। इसलिए, पर्याप्त बीमा हो तो यह सुनिश्चित होगा कि हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति में आप उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा करवा सकते हैं।

मन की शांति सुनिश्चित करने के लिए सबसे किफायती तरीकों में एक यह है कि क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी लीजिए या अपनी मौजूदा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में क्रिटिकल इलनेस राइडर को शामिल कर लीजिए। इससे सुनिश्चित होगा कि कोई भी अनापेक्षित मेडिकल इमरजेंसी आपको आर्थिक रूप से नुकसान न पहुंचाए।

क्रिटिकल इलनेस कवर क्या है?

क्रिटिकल इलनेस कवर किसी गंभीर बीमारी का पता चलने पर पहली बार में एकमुश्त लाभ मुहैया करवाता है। इस राशि से आपको खास बीमारी से बचाव और देखभाल के लिए भुगतान करने और ठीक होने के दौरान आवश्यक खर्च में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य बीमा के साथ क्रिटिकल इलनेस कवर :

सामान्य बीमाकर्ताओं द्वारा मुहैया कराए जाने वाले क्रिटिकल इलनेस कवर दो तरह के होते हैं – स्टैंड अलोन या फिर आपकी बुनियादी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में एक राइडर की तरह।

क्रिटिकल इलनेस कवर खरीदने के दौरान जिन बातों का ख्याल रखना है उनमें कुछ यहां पेश हैं:

ब्रांड की साख–सबसे पहले और अग्रणी बात, एक ऐसी बीमा कंपनी तलाशिए जिसे मजबूत ग्राहक सेवा और दावा निपटाने की क्षमताओं के लिए जाना जाता है। बीमा खरीदना मुख्य रूप से भरोसे पर आधारित है और इसलिए यह जरूरी है कि किसी भरोसेमंद बीमा कंपनी का चुनाव करें।

बीमित राशि – बीमित राशि के लिए अपने विकल्प देखें और अपने परिवार के इतिहास के आधार पर एक पर्याप्त कवर का विकल्प चुनिए। इसमें जीवन की स्थिति और वित्तीय स्थिति का भी ख्याल रखिए। बीमा के लिए आप जो राशि चुनेंगे वह लंबे समय के लिए पर्याप्त होना चाहिए क्योंकि बीमारी से कमाने की आपकी क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

विकल्प के रूप में अपने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में क्रिटिकल इलनेस राइडर की जांच कीजिए – अगर आप स्वास्थ्य बीमा खरीद रहे हैं तो क्रिटिकल इलनेस को राइडर के रूप में जोड़ने के विकल्पों का पता करिये।

व्‍यक्तिगत योजना या फैमिली फ्लोटर – आप एक व्‍यक्तिगत योजना के रूप में क्रिटिकल इलनेस कवर खरीद सकते हैं या फिर फैमिली फ्लोटर के रूप में जो आपके परिवार के सदस्य की वित्तीय आवश्यकताओं और मेडिकल इतिहास पर निर्भर करेगा।

लेखक, SBI General Insurance Reinsurance and Product Development से जुड़े हैं, ये विचार उनके निजी हैं

Edited By: Nitesh