नई दिल्ली, किशोर ओस्तवाल। ऐसा लगता है कि एक बार फिर शुक्रवार के दिन को बाजार में गिरावट लाने के लिए चुना गया और इस बार भी बहाना बॉन्ड यील्ड का था। महाशिवरात्रि को बाजार में छुट्टी थी और इस गेप के कारण निफ्टी 15,300 से ऊपर खुला, लेकिन उसके बाद यह 15,000 के स्तर से नीचे तक जा गिरा। ऐसे में आपको पिछले चार शुक्रवार का बाजार का बर्ताव अवश्य देखना चाहिए।

19 फरवरी - 140 अंक गिरा

26 फरवरी - 570 अंक गिरा

2 मार्च - 140 अंक गिरा

12 मार्च - 150 अंक गिरा

वास्तव में 12 मार्च को निफ्टी अपने दिन के उच्च स्तर से 350 अंक गिरा है, जो कि काफी अधिक है।

सभी चार सोमवार निफ्टी में गेप-अप ओपनिंग हुई। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बाजार में यह अस्थिरता कृत्रिम है। यह इसलिए है, ताकि ट्रेडर्स को सिस्टम से हटाया जा सके और शॉर्ट्स को फंसाया जा सके। बीते शुक्रवार को गिरावट का कारण भी फिर से यूएस बॉन्ड यील्ड्स में तेजी है। कारोबारी घंटों के दौरान ब्लूमबर्ग का 'फिर से यूएस बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल' फ्लैश आया था।

यूएस 10-वर्ष की ट्रेजरी यील्ड 7 आधार अंक की उछाल के साथ 1.625 फीसद से ऊपर आ गई, जबकि यूएस 30 साल की ट्रेजरी यील्ड 8 आधार अंक बढ़कर दो सप्ताह के उच्च स्तर 2.371 फीसद पर आ गई। वहीं, यूएस 2 साल की ट्रेजरी यील्ड भी तेजी से बढ़कर दो सप्ताह के उच्च स्तर 0.15 फीसद पर आ गई।

यह बिकवाली की चिंगारी पैदा करने के लिए पर्याप्त था। यील्ड के फिर से बढ़कर 2 फीसद होने का डर है। खैर, यह एक नया 'भूत' है। न तो ये यील्ड इन स्तरों पर बनी रहेगी और न ही यह भारतीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है। जब यूएस बाजार प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है तो क्या कारण है कि भारतीय बाजारों को प्रतिक्रिया देना चाहिए। स्पष्टता के लिए हम एक बार फिर से दोहराते हैं कि वॉरेन बफे ऑन रिकॉर्ड यह कह चुके हैं कि किसी को यूएस बॉन्ड में निवेश नहीं करना चाहिए। इक्विटी सबसे अच्छा विकल्प है। यदि एमटीएनएल (MTNL) जैसे शेयर 7 से 24 रुपये तक जा सकते हैं, तो कल्पना करें कि इक्विटी शेयरों में आपको कितना रिटर्न मिल सकता है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ऐसी भी आ रही हैं कि चौथी तिमाही के परिणाम तीसरी तिमाही जैसे अच्छे नहीं होंगे। उन्हें लगता है कि बढ़ती लागत से मुनाफा कम हो जाएगा। यहां हम दो मुद्दों को ऑन रिकॉर्ड लाना चाहते हैं। पहला यह कि अगर लागत बढ़ रही है, तो बिक्री मूल्य भी बढ़ रहा है और जब भी आप महंगाई की दर बढ़ते देखते हैं, तो ऐसा मांग अधिक होने के कारण होता है। दूसरा मुद्दा इन्वेंट्री का समायोजन है। कीमतें 40 से 70 फीसद बढ़ जाती है, तो FIFO लेखांकन का मतलब है कि चालू तिमाही कम मूल्य की इन्वेंट्री को अवशोषित करेगी। हालांकि, बिक्री मूल्य बहुत उच्च है, इसलिए चौथी तिमाही में मुनाफा तीसरी तिमाही की तुलना में b3 उच्च होगा।

यूएस बॉन्ड यील्ड फिर से तेजी से गिर जाएगी। इसलिए जब भी यील्ड में तेजी आती है और शेयर गिरते हैं, तो यह मंदी में खरीदने का बढ़िया मौका होता है। हमने अगली कुछ तिमाहियों में निफ्टी के हमारे 16,600-16,700 के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है।

हमारा मानना है कि उन कई शेयरों में अति विशाल उछाल आएगी, जिन्होंने अभी तक रैली में भाग नहीं लिया है। उदाहरण के लिए एमटीएनएल 7 से 24 पर पहुंच गया है। आईएफसीआई (IFCI) 5 से 20 पर पहुंच गया है और अब आर पावर जैसे शेयरों में भी हलचल हो रही है। इस श्रेणी में कई ऐसे शेयर हैं, जो कई गुना तक बढ़ सकते हैं। लेकिन सीएनआई में हम टाटा कॉफी (Tata Coffee), टिनप्लेट (Tinplate), करूर वैश्य बैंक (Karur Vaishya bank), बजाज कंज्यूमर्स (Bajaj Consumers) जैसे केवल क्वालिटी शेयरों पर फोकस करते हैं, जो कि बुनियादी तौर पर मजबूत हैं। इससे पहले हमने बीपीसीएल (BPCL), एचपीसीएल (HPCL), गेल (GAIL), एनएमडीसी (NMDC) जैसे शेयर उठाए थे और इन सभी शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया है।

हमारा फोकस अभी भी बीपीसीएल, भारती एयरटेल (BHARTI AIRTEL), एचपीसीएल (HPCL), आईओसी (IOC), एनएमडीसी, टिस्को (TISCO), टाटा मोटर्स (TATA MOTORS), एमएनएम फाइनेंस (MNM FINANCE) और आईटीसी (ITC) आदि पर बना हुआ है।

चिंता का कोई कारण नहीं है। हम बुल मार्केट में हैं, जो कम से कम 2024 तक जारी रहना चाहिए और निफ्टी में 23,500 के स्तर तक जाने की क्षमता है। हम 15000 के स्तर पर हैं और लंबा रास्ता तय करना है। इसलिए हर गिरावट का उपयोग गुणवत्ता वाले अच्छे शेयरों को खरीदने के लिए किया जाना चाहिए। साल 2021 के लिए निफ्टी का तत्काल लक्ष्य 16600-16700 है और यहां तक ​​कि यह 17500 तक भी जा सकता है। इस बात को ध्यान में रखें कि हम केवल गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश करने की सलाह देते हैं।

(लेखक cniresearchltd.com के सीएमडी हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

Edited By: Pawan Jayaswal