नई दिल्ली, किशोर ओस्तवाल। आप बाजार की भविष्यवाणियों में किसे बेहतर मानते हैं, जो 13200, 13400 या 13,500 के स्तर पर 14,000 की संभावना जता रहे थे, अथवा उसे जो पिछले दो सालों से 14,000 का लक्ष्य बता रहा था और जिसने निफ्टी के 7500 तक गिर जाने के बाद भी अपना लक्ष्य नहीं बदला। यह हम हैं। हमारा आकलन एकदम सटीक रहा है।

हमें इसकी सराहना करनी चाहिए कि मौजूदा उछाल लिक्विडिटी से प्रेरित है और कई शेयरों का भाव पिछले नौ महीनों में 100 फीसद से 1000 फीसद तक बढ़ गया है। दिसंबर 2020 में 62,000 करोड़ रुपये की बंपर खरीदारी हुई। इस तरह साल 2020 में शुद्द खरीद 1,70,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं, पिछले आठ महीनों में 2,39,000 करोड़ रुपये की खरीद हुई है।

जब तक यह आंकड़ा बढ़ता रहेगा, बाजार में तेजी बरकरार रहेगी। जनवरी, 2021 की भी 617 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद के साथ धमाकेदार शुरुआत हुई है और यह बताया गया कि साल जरूर बदल गया हो, लेकिन खरीदारी में तेवर पिछले वाले ही बरकरार रहेंगे।

मई 2020 में हमारी पिछली सभी रिपोर्ट्स में हमने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि भारत में इनफ्लो न्यूनतम 60 बिलियन डॉलर रह सकता है और यह बढ़कर 80 बिलियन डॉलर तक जा सकता है। अब तक हम 32.3 बिलियन डॉलर का इनफ्लो देख चुके हैं और इससे निफ्टी 7500 से 14,000 तक पहुंच चुका है। अब अन्य 30 बिलियन डॉलर के इनफ्लो का मतलब है साल 2021 में 2.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश, जो काफी बड़ा है।

अब आधार के 7500 से 14,000 हो जाने के कारण छोटी खरीद भी निफ्टी पर बड़ा प्रभाव डालेगी। वहीं, अब डरकर होने वाली बिकवाली समाप्त हो गई है। खुदरा निवेशक हर दिन पुराने शेयरों से बाहर हो रहे हैं या गुणवत्ता वाले स्टॉक, रियल एस्टेट अवथा सोने में जाने की कोशिश कर रहे है और इसके लिए नकदी चाहते हैं।  

यह निवेशकों के लिए कुछ अच्छे शेयर लेने का समय हैं, जहां उनकी वैल्यू हो। उदाहरण के लिए TINPLATE, एक टाटा ग्रुप की कंपनी जो अभी 20 पीई पर कारोबार कर रही है, लेकिन सितंबर तिमाही की कमाई को देखते हए हमें लगता है कि शेयर में 200 फीसद और बढ़ने की क्षमता है। कंपनी के लिए सितंबर तिमाही पहली टर्नअराउंड तिमाही थी और अब धातुओं की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि के चलते दिसंबर और मार्च तिमाही कंपनी के लिए असाधारण होंगी।

अगर सेल (SAIL) 75 रुपये में सस्ती लगती है, तो TINPLATE मुफ्त की है। ऐसे कई स्टॉक हैं, जिनके बारे में हमें विश्वास है कि अभी भी वे चक्र के निचले भाग में उपलब्ध हैं और निवेशक ऐसे शेयरों को चुन लेंगे। निचले शेयरों पर दाव लगाने के दृष्टिकोण का अनुसरण करने के कारण हम सफल हुए हैं और अपने फॉलोअर्स के लिए धन का सृजन किया है।

ऑप्शंस में ट्रेडिंग आत्महत्या करने के अलावा कुछ और नहीं है, क्योंकि कीमतें समय के साथ कम होती जाती हैं और आप उन ऑपरेटर्स को नहीं हरा सकते हैं, जो केवल मासिक आय के लिए डेरिवेटिव खेलते हैं। एफ और ओ अलग गेम है, जो हम खुदरा निवेशकों के लिए नहीं सुझाते हैं। यहां तक कि हमारे जैसे एक्सपर्ट्स भी लगातार ऑप्शंस में पैसा नहीं बना सकते हैं।

मुख्य विषय पर वापस आते हुए, हम सुझाव देते हैं कि कुछ मानदंडों के साथ अच्छे शेयरों की पहचान करें और उन पर निवेश करें। ये मानदंड हैं- सही प्रमोटर, अच्छा सेक्टर, 10 से कम पीई, पीबी अनुपात 2 से कम, को अर्निंग फ्री कैश फ्लो, सह विस्तार, जिसका अर्थ है भविष्य के विकास का आश्वासन। अगर यहां वैल्यू नहीं है, तो भी कोई बात नहीं। मात्रा एक सापेक्ष अवधारणा है।

उदाहरण स्वरूप कल जब हमने अपने ग्राहकों को टिनप्लेट खरीदने की सलाह दी, जो एक टाटा ग्रुप की कंपनी है, जिसकी कीमत 152 रुपये थी और मात्रा थी केवल 2.5 लाख शेयर। कीमत बढ़ी और मात्रा बढ़नी भी शुरू हो गई। शेयर 168 पर बंद हुआ और मात्रा 65 एमएन से अधिक थी। इसका मतलब है कि शेयर सस्ता तब होगा, जब मात्रा कम होगी। जिस समय कुछ निवेशक अच्छी मात्रा लेना तय करेंगे, तो बढ़ी हुई कीमतें शेयरों की मात्रा भी बढ़ाएगी, क्योंकि मानव स्वभाव है कि जब शेयर अचानक बढ़ता है, तो लोग बिकवाली करते हैं। हम सलाह देते हैं कि जब आपका शेयर बढ़ रहा हो, तो आपको कुछ और खरीदने चाहिए। क्योंकि वृद्धि बिना किसी कारण के नहीं होती।  

आपको बता दें कि शेयर बाजार में मुफ्त की सलाह हमेशा खतरनाक होती है। टिप्स पर आंख मूंदकर खरीदारी करना संभव है, लेकिन बिना स्टॉप लॉसेज के यह संभव नहीं और अधिकांश बार स्टॉप लॉसेज मारे जाएंगे।

हम आपको इस वादे के साथ नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं कि आपको एफपीआई और डेरिवेटिव आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर मार्केट ट्रेंड से समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे। कम से कम जनवरी 2021 तो स्मॉल-कैप शेयरो से संबंधित होगा। हमारा मानना है कि स्मॉल कैप इंडेक्स 9,000 के स्तर को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।

(लेखक सीएनआई रिसर्च के सीएमडी हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

Edited By: Pawan Jayaswal