नई दिल्ली, राहुल जैन। वित्तीय आजादी (Financial Freedom) की अवधारणा हमेशा से अस्तित्व में रही है, लेकिन इसने काफी बाद में बड़े स्तर पर आकर्षण प्राप्त किया। जिसका श्रेय बढ़ती वित्तीय साक्षरता और कार्यबल के एक वर्ग के बीच जल्दी नौकरी छोड़ अपने शौक पूरा करने के बढ़ते रुझान को जाता है। हालांकि, वित्तीय आजादी प्राप्त करना काफी हद तक इस बात से जुड़ा हुआ है कि आप किस तरह से पैसे खर्च करते हैं और इससे भी महत्वपूर्ण कि आप किस तरह से निवेश करते हैं।

वित्तीय आजादी का स्पष्ट अर्थ अपने पैसों का मालिक बनना और यह जानते हुए चैन की नींद सोना है कि आप आसानी से अपने लक्ष्यों को पा लेंगे। आइए उन तरीकों को गहराई से जानते हैं, जिनके माध्यम से आप अपनी आजादी की तलाश और घोषणा कर सकते हैं।

जल्द करें शुरुआत

वित्तीय आजादी प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम बचत और निवेश के लिए जल्दी शुरुआत करना है। आदर्श रूप से, आपको यह (बचत और निवेश) ठीक उसी दिन से करना चाहिए, जिस दिन से आप कमाई करना शुरू करते हैं। यह आपके पैसे को बढ़ने के लिए अधिक समय देता है और लंबे समय में चक्रवृद्धि असर करता है, जो धन सृजन को कई गुणा बढ़ाता है।

उदाहरण के लिए, यदि आप एक करोड़ रुपये जमा करना चाहते हैं और 30 वर्ष की उम्र पर निवेश करना शुरू करते हैं, तो 10% का वार्षिक रिटर्न मान लेने पर आपको 4400 रुपये से थोड़े अधिक के मासिक एसआईपी की आवश्यकता होगी। अब, यदि आप इसमें 10 साल की देरी करते हैं, तो यही राशि बढ़कर 13,000 रुपये से अधिक हो जाती है। जल्दी की गयी शुरुआत आपको आपका लक्ष्य पाने के लिए बेहद आवश्यक लाभ प्रदान करती है।

साथ ही, रिटायरमेंट जैसे लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए जल्दी शुरुआत करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके लिए बहुत बड़ी रकम की जरूरत होती है। एक बजट बनाएं और सुनिश्चित करें कि आप आक्रामक तरीके से बचत कर रहे हैं। बचत जितनी अधिक होगी, लंबे समय में आपकी वित्तीय स्थिति उतनी ही बेहतर होगी।

मुद्रास्फीति (इंफ्लेशन) को मात देने वाली श्रेणियों (एसेट) में करें निवेश

वित्तीय आजादी की राह में आपको सबसे बड़े रोड़े मुद्रास्फीति से पार पाने की आवश्यकता होगी। यह समय के साथ पैसे के मूल्य को कम करती है और इसके परिणामस्वरूप आपकी लक्ष्य राशि कम रह जाती है। इस पर विचार करने की जरूरत है। यदि आपका मासिक खर्च अभी 25,000 रुपये है, तो 6% की मामूली मुद्रास्फीति के हिसाब से भी 30 साल बाद यह 1.44 लाख रुपये हो जायेगा। इसलिए, ऐसे जगहों पर निवेश करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है, जो इससे पार पाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

यही बात इक्विटी को अहम बना देती है, क्योंकि इनके पास लंबे समय में मुद्रास्फीति को मात देने वाला रिटर्न देने की क्षमता होती है। आप इस एसेट क्लास में स्टॉक या म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश कर सकते हैं। यदि आपको बाजार की अच्छी समझ है और आप उसकी चाल का अनुमान लगा सकते हैं, तो आप स्टॉक में सीधे निवेश का विकल्प चुन सकते हैं। दूसरी ओर, यदि आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो उचित रहेगा कि आप म्यूचुअल फंड का तरीका चुनें, जहां एक पेशेवर फंड मैनेजर निर्णय लेता है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय एसआईपी का तरीका अपनाएं, ताकि बाजार चक्रों में निवेश बना रहे और एक अनुशासित बचत की आदत अपनाएं। इसके अलावा, एक बड़ी रकम जमा करने के लिए आय में वृद्धि के साथ अपने एसआईपी को बढ़ाते रहें।

इंश्योरेंस को ना करें नजरअंदाज

इंश्योरेंस एक मजबूत वित्तीय योजना का आधार होता है। यह आपको और आपके आश्रितों को अप्रत्याशित खर्चों से बचाता है। हम जिस अनिश्चित समय में रह रहे हैं, उसे देखते हुए इंश्योरेंस एक अनिवार्य आवश्यकता है। कोई भी अप्रिय घटना कुछ ही समय में आपकी वित्तीय योजना को पटरी से उतार सकती है। पर्याप्त लाइफ कवर के लिए टर्म इंश्योरेंस पूरी तरह से फिट बैठता है, क्योंकि यह एक किफायती प्रीमियम पर पर्याप्त कवरेज प्रदान करता है।

इसी तरह, आकस्मिक मेडिकल परिस्थितियों से अपनी वित्तीय स्थिति को प्रभावित होने से बचाने के लिए जल्द से जल्द एक स्वास्थ्य इंश्योरेंस योजना खरीदें। फैमिली फ्लोटर प्लान आपके परिवार के सभी सदस्यों को किफायती कीमत पर कवरेज प्रदान करता है।

बढ़ते चिकित्सा व्यय के कारण पर्याप्त स्वास्थ्य कवर होना अनिवार्य हो जाता है, ताकि आपको अपनी बचत से खर्च न करना पड़े और जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों से समझौता न करना पड़े। विभिन्न योजनाओं की तुलना करें और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे अच्छा विकल्प चुनें।

निष्कर्ष

बुनियादी शर्तों को सही करना तथा ऊपर बताई गई सभी बातों का पालन करना आपको आसानी से वित्तीय आजादी पाने में मदद कर सकता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि आप अपनी राह में आने वाली किसी आपात स्थिति को संभालने के लिए तैयार रहें। बिना परेशानी उठाए इस सबसे महत्वपूर्ण मिशन को प्राप्त करने के लिए खुद को सही ज्ञान और सही उपायों से लैस करिए, और आज ही इस दिशा में यात्रा शुरू करिए।

(लेखक Edelweiss Wealth Management में President & Head, Personal Wealth हैं। प्रकाशित विचार लेखक के निजी हैं।)

Edited By: Ankit Kumar