सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) कम जोखिम में निवेशकों को व्यवस्थित रूप से शेयरों में निवेश कर धन सृजित करने में मदद करता है।

शेयर बाजार में कब तेजी होगी और गिरावट इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता है। ऐसा इसलिए कि शेयर बाजार का प्रकृति ही अस्थिर है। हालांकि, यह दूसरे निवेश माध्यमों के मुकाबले लंबी अवधि में शानदार रिटर्न देता है। अगर, आपके पास अनुशासन और धैर्य है तो इक्विटी सतत धन सृजन करने में आपकी मदद करेगा। वित्त वर्ष 2018 में निफ्टी ने निवेशकों को 10 फीसदी रिटर्न दिया जो किसी दूसरे एसेट क्लाशस से कहीं ज्याीदा था। लंबी अवधि में इक्विटी से मिलने वाला रिटर्न 12 से 14फीसदी होता है जो किसी भी पारंपरिक संपत्ति वर्ग से अधिक होता है।

यह देखा गया है कि छोटी अवधि में अस्थिरता के कारण निवेशक इक्विटी से दूर रहते हैं और धारणा यह भी है कि इक्विटी में निवेश के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। अब समय आ गया है इक्विटी में निवेश की दिशा में धारणा को बदला जाए।

सबसे महत्वपूर्ण यह जानना है कि कॉर्पोरेट की कमाई को वित्त वर्ष 2019 के लिए कितना तय किया गया है?

वित्त वर्ष 2018 में कॉर्पोरेट की कमाई स्थिर बनी रही। उम्मी द है कि वित्त वर्ष 2019 में कॉर्पोरेट की कमाई में इजाफा होगा। ऐसा इसलिए कि पिछले पांच वर्षों से तेज ग्रोथ के बाद भी कॉर्पोरेट की कमाई कम रही है। वहीं, जीएसटी जैसे बड़े टैक्सक सुधार से भी कॉर्पोरेट सेक्ट र निकल चुका है। ऐसे में हम उम्मी‍द करते हैं कि वित्त वर्ष 2019 में निफ्टी पर कॉर्पोरेट कमाई 10 से 12 फीसदी की दर से होगी। माइक्रो इंडस्ट्रीज बेहतर स्थिति में दिखाई दे रहे हैं और अच्छाी कर सकते हैं। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ बढ़ते भूगर्भीय तनाव का असर माइक्रो इंडस्ट्रीज पर हो सकता है।

हालांकि, यह एक बड़ा मिथक है कि इक्विटी में निवेश करने के लिए बहुत बड़े रकम की आवश्यकता होती है। इसका समाधान अब यहां है। इक्विटी में भी व्यवस्थित तरीके से निवेश किया जा सकता है। सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए म्युचुअल फंड्स में निवेश कर किया जा सकता है। यह आपको विभिन्न समय अवधि के दौरान सही मूल्य स्तर पर निवेश को बढ़ाने और लाभ प्राप्त करने में मदद करेगा।

इस रणनीति से आप अपने निवेश को अनुशासन के साथ बाजार को समझते हुए सही ट्रैक पर रख सकते हैं। इस तरीके से जब बाजार में गिरावट हो तो आप कुछ कंपनियों का चयन कर सकते हैं और उन्हें छोटी मात्रा में निवेश कर सकते हैं। निवेश का यह तरीका आपको सही ढंग से चुनौतियों से पार पाने में मदद करेगा और थोड़ा-थोड़ा कर आप लंबी अवधि में एक बड़ा कॉर्पस खड़ा कर लेंगे। निवेशक इस तरीके से निवेश कर महंगाई को मात दे कर शानदार रिटर्न प्राप्ते कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए अगर आपने 1 अप्रैल 2017 से 1 मार्च 2018 तक माह के पहले दिन टाइटन कंपनी,ब्रिटानिया, केईसी इंटरनेशनल, केएनआर कंस्ट्रक्शन और इंडसइंड बैंक के एक-एक शेयर खरीदते हैं तो आप ने एक साल में 83,948 रुपए निवेश किया। 1 मार्च 2018 को आपको कुल लाभ 1,00,591 रुपए मिला। यानी, सालाना रिटर्न की दर 42.3 फीसदी हुई। अगर, सेंसेक्स में मिले 11.3 फीसदी और निफ्टी में मिले 11.8 फीसदी रिटर्न के मुकाबले 12 महीनों में रिटर्न देंखे तो इन पांच कंपनियों करीब 20 फीसदी का रिटर्न दिया। यानी, आप इस तरीके से न सिर्फ आपनी निवेश लागत को कम कर पाएंगे बल्कि जोखम घटाने के साथ लंबी अवधि में ज्यामदा शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़ पाएंगे। इस दौरान जब बाजार में तेजी आएगी तो आपको बड़ा लाभ होगा।

सामान्य बाजार की स्थिति में महीने में एक बार शेयर की खरीदारी करना अब तक एक अच्छी रणनीति है। हालांकि, अब एक अस्थिर बाजार में निवेश की रणनीति महीने में पांच बार करनी चाहिए। ऐसा कर बाजार में तेज गिरावट के समय आप अपने पोर्टफोलियो को नुकसान होने से बचा सकते हैं। यह तरीका निवेशकों को अस्थिरता और अनिश्चितता के समय ज्याादा मुनाफा कमाने में मदद करता है।

शेयरों में एसआईपी शुरू करने के लिए, निवेशकों को स्टॉक ब्रोकर के पक्ष में डेबिट जनादेश पर हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद ही ब्रोकर निवेशक के खाते से धन का इस्तेामाल शेयर खरीदने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा आपको समय-समय पर अपनी तरफ से शेयर की खरीदारी के लिए ब्रोकर को अधिकार देना होगा। आपके सेवा प्रदाता द्वारा आपके निवेश को समय-समय पर केयर किया जाएगा और आपकी तरफ से नियमित अंतराल पर शेयरों की खरीद की जाती है।

ऐसा कर, निवेशक शेयरों की खरीद, किश्त की राशि और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर पूर्ण लचीलेपन का आनंद लेता है। इस मार्ग के सबसे दिलचस्प बात यह है कि अगर उसके पास फंड की कमी हो जाती है तो कुछ महीनों के लिए अपने निवेश को रोक सकते हैं।

निवेश और निवेशक-अनुकूल सुविधाओं की सुविधा के साथ, 'स्टॉक में एसआईपी' निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश न करने का कोई बहाना नहीं देता है, खासकर भविष्य के लिए सकारात्मक बाजार दृष्टिकोण के साथ।

(यह लेख बी गोपकुमार ने लिखा है जो कि रिलायंस सिक्यो रिटीज के ईडी और सीईओ हैं।)

Posted By: Praveen Dwivedi

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