Personal Finance: पर्सनल फाइनेंस के बुनियादी सिद्धांतों में से एक होता है बचत करने की आदत डालना। यह किसी भी व्यक्ति के मुश्किल समय के लिए जरूरी होता है। मुश्किल समय में और खासकर कोविड-19 जैसी परिस्थितियों में कई लोगों के लिए सेविंग करना सबसे अहम हो जाता है। मौजादा समय में यह सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, पैसे का एक और समान रूप से अहम पहलू है जो जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी बन जाता है- निवेश। जिस प्रकार आपके लिए सेविंग जरूरी है, उसी प्रकार मजबूत वित्तीय स्थिति के लिए निवेश भी आवश्यक है।

महंगाई दर को मात देने के लिए जरूरी है निवेश

जब आपको संकट की किसी परिस्थिति से निकलने के लिए अचानक वित्तीय सहायता की जरूरत पड़ती है तो उस वक्त आपकी बचत आपके काम आती है। वहीं, एक और चीज है जो लगातार लोगों की चिंता बढ़ाती रहती है और वह है- महंगाई। महंगाई रुपये की क्रय शक्ति को कम कर देती है और इसका पैसे की बढ़ोत्तरी पर विपरीत असर देखने को मिलता है। ऐसे में अगर आज आपके हर महीने का खर्च 30,000 रुपये है तो 5% की महंगाई दर के साथ 20 साल बाद वह 80,000 रुपये हो जाएगा।

ऐसे में केवल सेविंग करने और निवेश नहीं करने से आपको लंबी अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर, निवेश करने से आपकी धनराशि महंगाई दर के अनुपात में बढ़ेगी और यह सुनिश्चित होगा कि आपके पास खर्चे को पूरा करने के लिए जरूरी धनराशि हो। निवेश करते समय भी आपको इस बात पर ध्यान देकर महंगाई दर को मात देने वाले इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करना होगा। ऐसे वक्त में इक्विटी लंबी अवधि में महंगाई दर को मात देने वाला निवेश का माध्यम बनकर उभरता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इक्विटी में निवेश आपको महंगाई दर से निपटने और उससे अधिक रिटर्न पाने में मदद करता है।

आप स्टॉक या म्युचुअल फंड के जरिए इक्विटी में निवेश कर सकते हैं। अगर आप इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि आप शेयर बाजार की उतार-चढ़ाव को ट्रैक कर सकते हैं और आप महज संख्या से इतर की चीजों को भी पढ़ सकते हैं, जिसके बाद आप सीधे शेयरों में निवेश कर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं है तो म्युचुअल फंड बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें फंड मैनेजर के अनुभव से आपके निवेश का अच्छे से विविधीकरण हो पाता है और आपकी रकम बढ़ती है।

अपनी रकम को बढ़ने दीजिए

अगर आप पैसे को अपनी अलमारी या बचत खाते में रखकर छोड़ देते हैं तो उससे वह नहीं बढ़ेगा। हालांकि, बचत खाते पर आपको ब्याज मिलता है लेकिन उसकी दर काफी कम होती है। दूसरी ओर, अलमारी में ऐसे ही पड़ा हुआ पैसा तो किसी भी तरह नहीं बढ़ता है। लेकिन अगर आप पैसों को निवेश करते हो तो चीजें अलग हो जाती हैं। अगर आप बैंक एफडी करते हैं या बाजार से जुड़े म्युचुअल फंड्स में निवेश करते हैं तो समय के साथ आपके पास एक अच्छी रकम इकट्ठा हो जाती है। ऐसे में आपको समय के साथ अपनी रकम में वृद्धि के लिए धनराशि का निवेश करना होगा।

इससे यह सुनिश्चित होता है कि कार खरीदने, छुट्टी पर जाने, बच्चों की उच्च शिक्षा और रिटायरमेंट जैसे जीवन के विभिन्न लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आपके पास पर्याप्त पैसे हों। निवेश करने से यह भी सुनिश्चित होता है कि फंड्स की कमी के कारण आपके लक्ष्य प्रभावित ना हों। यह आपके सपने को साकार करने के लिए लोन और अन्य वित्तीय माध्यमों पर आपकी निर्भरता कम कर देता है।

निष्कर्ष

भारतीय वित्तीय बाजारों में विभिन्न प्रोडक्ट्स में निवेश के काफी अवसर मौजूद हैं। वित्तीय आजादी के लिए अपने लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से निवेश कीजिए।

(यह लेखक राहुल जैन के निजी विचार हैं, जो एडलवाइस वेल्थ मैनेजमेंट के पर्सनल वेल्थ विंग के अध्यक्ष और प्रमुख हैं।)

Edited By: Nitesh