Silver Investment: चांदी निवेशकों के लिए बड़ी खबर, कीमतों पर UBS की भविष्यवाणी; 3 महीने में टूटेंगे रिकॉर्ड?
Silver Price Prediction 2026: ग्लोबल बैंक UBS ने अनुमान लगाया है कि चांदी की कीमतें दिसंबर 2026 तक 70 डॉलर ...और पढ़ें
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UBS का चांदी की कीमतों पर बड़ा अनुमान 2027 तक 80 डॉलर तक पहुंच सकती है कीमत

समय कम है?
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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| चांदी की कीमतों को लेकर ग्लोबल बैंक UBS ने बड़ा अनुमान दिया है। बैंक का मानना है कि सोने में तेजी को सपोर्ट करने वाले कारणों का फायदा चांदी को भी मिल सकता है और दिसंबर 2026 तक इसकी कीमत 70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं साल 2027 तक चांदी 80 डॉलर के पार (Silver Price Prediction 2026) जा सकती है। 23 सितंबर को ग्लोबल मार्केट में चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर कारोबार कर रही थी।
गोल्ड के मुकाबले चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
UBS के स्ट्रैटेजिस्ट डोमिनिक श्नाइडर के मुताबिक, चांदी और सोने की कीमतों का संबंध इस समय कई साल के ऊंचे स्तर के करीब है। उनके अनुसार, हालिया तेजी में चांदी एक बार फिर सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली धातु यानी 'हायर-बीटा वर्जन ऑफ गोल्ड' की तरह कारोबार कर रही है।
भारत में कहां तक पहुंचेंगे चांदी के दाम?
बैंक ने आगे भी चांदी में तेजी का अनुमान जताया है। UBS के मुताबिक मार्च और जून 2027 तक चांदी 75 डॉलर और सितंबर 2027 तक 80 डॉलर प्रति औंस (Silver Price Outlook 2026) तक पहुंच सकती है। यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर है, जो भारतीय करेंसी में 2,46,045 रुपए बैठती है।
हालांकि, भारतीय बाजार के हिसाब यह कीमत 2,82,951 रुपए प्रति किलोग्राम बैठती है। क्योंकि, भारत अपनी जरूरत का सोना और चांदी आयात करता है। जिस पर भारत सरकार 15 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी (silver import duty in India) वसूलती है।
अगर ग्लोबल मार्केट में एक किलो चांदी की कीमत 80 डॉलर यानी 2,46,045 रुपए पहुंचती है तो इस पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी, जो 36,906 रुपए बैठती है।
यानी 2,46,045 + 36,906 = 2,82,951 रुपए प्रति किलोग्राम।
ऑल टाइम हाई से ₹1.80 लाख सस्ती हो चुकी चांदी
चांदी ने 29 जनवरी 2026 को ऑल टाइम हाई बनाया था और कीमत 4.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार चली गई थी। हालांकि, इसके अगले ही दिन चांदी में बड़ी गिरावट भी देखने को मिली थी। आलम यह है कि इस वक्त चांदी ऑल टाइम हाई से 1.80 लाख रुपए (silver price crash) सस्ती हो चुकी है और कीमत करीब 2.40 लाख (silver price today) रुपए के आसपास पहुंच चुकी है।
फेड रिजर्व की नीति डाल सकती है दबाव
इधर, चांदी के अनुमानों को लेकर श्नाइडर ने कहा कि
अमेरिकी डॉलर को लेकर लंबी अवधि की चिंताएं और सरकारी वित्तीय स्थिति से जुड़ी चिंताएं सोने के साथ-साथ चांदी को भी सपोर्ट कर सकती हैं। हालांकि, नजदीकी अवधि में फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति और ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी चांदी के लिए दबाव बना सकती है।"
चांदी की औद्योगिक मांग को लेकर भी UBS का नजरिया सकारात्मक है। सोलर सेक्टर में ऊंची कीमतों के कारण कंपनियां चांदी का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन डेटा सेंटर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर ग्रिड और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से बढ़ती मांग इस दबाव की भरपाई कर सकती है।
सप्लाई भी चांदी के लिए अहम फैक्टर है। चांदी का बड़ा हिस्सा सीसा, जिंक, तांबा और सोने की खदानों से बाय-प्रोडक्ट के तौर पर निकलता है। इसलिए कीमत बढ़ने पर भी सप्लाई को तुरंत बढ़ाना आसान नहीं है।
UBS का कहना है कि गोल्ड-सिल्वर रेशियो के 70 गुना से ऊपर लंबे समय तक टिकने की गुंजाइश सीमित है। बैंक ने कीमतों में कमजोरी आने पर धीरे-धीरे एक्सपोजर बढ़ाने की बात कही है। हालांकि, ज्यादा सख्त मौद्रिक नीति, ग्लोबल ग्रोथ में बड़ी गिरावट और औद्योगिक मांग कमजोर होना इस अनुमान के प्रमुख जोखिम हैं।
