Gold और Copper उगलेगी धरती! इस राज्य में मेगा माइनिंग प्रोजेक्ट शुरू, 106 साल पुरानी सरकारी कंपनी कर रही खुदाई
Gold and Copper minning: तेलंगाना सरकार ने कर्नाटक के रायचूर जिले के देवदुर्ग ब्लॉक में सोने और तांबे की खोज के लिए एक बड़ा खनन प्रोजेक्ट शुरू किया है।

सोने-तांबे का खजाना! तेलंगाना सरकार ने कर्नाटक के देवदुर्ग में शुरू की खोज,
HighLights
तेलंगाना सरकार ने कर्नाटक में सोने-तांबे का खनन प्रोजेक्ट शुरू किया।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को मिला है ठेका।
यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन में सहायक होगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| तेलंगाना सरकार ने कर्नाटक के रायचूर जिले में स्थित देवदुर्ग ब्लॉक में सोने और तांबे (gold and copper minning projet) की खोज का एक मेगा माइनिंग प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। यह पहल देश की खनिज संपदा को बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम है। गुरुवार को तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने देवदुर्ग के लिंगदहल्ली गांव में राज्य के स्वामित्व वाली सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन किया।
कंपनी को 106 साल का अनुभव
कंपनी की स्थापना दिसंबर 1920 में हुई थी। कंपनी के पास करीब 106 सालों का लंबा और सफल खनन का अनुभव है। सिंगरेनी कंपनी ने केंद्र सरकार के टेंडर के जरिए इस ब्लॉक में सोने और तांबे की एक्सप्लोरेशन के अधिकार हासिल किए हैं। ग्राउंड जीरो पर माइनिंग साइट्स का मुआयना करने के बाद डिप्टी सीएम विक्रमार्क ने बताया कि सिंगरेनी अब बिना किसी देरी के यहां खोज का काम तेज करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि,
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है और जमीन से बड़ी मात्रा में सोना और तांबा निकलता है, तो इस पूरे इलाके की किस्मत बदल जाएगी। इससे न सिर्फ क्षेत्र का तेजी से विकास होगा, बल्कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के बड़े दरवाजे भी खुलेंगे।"
आवाजाही के लिए बनेगा हेलीपैड
प्रोजेक्ट की गंभीरता को देखते हुए सिंगरेनी जल्द ही देवदुर्ग में अपना एक साइट ऑफिस स्थापित करेगी। इससे अधिकारी सीधे साइट पर रहकर हर गतिविधि की बारीकी से मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इसके अलावा, इलाके में आवाजाही को आसान बनाने के लिए एक हेलीपैड भी बनाया जाएगा। जैसे ही स्थानीय राजस्व विभाग इसके लिए जमीन आवंटित करेगा, निर्माण कार्य तुरंत शुरू हो जाएगा।
डिप्टी सीएम विक्रमार्क ने इस मौके पर स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इस प्रोजेक्ट को जल्द और सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपना पूरा सहयोग दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोने-तांबे का यह खजाना तेलंगाना और कर्नाटक, दोनों राज्यों की तरक्की में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, इससे भारत की अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
SCCL में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
अपने दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ने सिंगरेनी अधिकारियों द्वारा इकट्ठा किए गए खनिज नमूनों की एक प्रदर्शनी भी देखी। उन्होंने सोने और तांबे को निकालने की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और आगे के प्लान की समीक्षा की। इस मौके पर सिंगरेनी के सीएमडी बुद्ध प्रकाश ज्योति ने स्थानीय लोगों की उत्साहजनक मौजूदगी के बीच प्रोजेक्ट शुरू होने पर खुशी जाहिर की।
SCCL तेलंगाना सरकार (51%) और केंद्र सरकार (49%) की संयुक्त हिस्सेदारी वाली एक प्रतिष्ठित माइनिंग कंपनी है।
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