Edible Oil की नई पैकेजिंग के बाद बदल जाएंगी और भी चीजें, ग्राहक जान लें कब से मार्केट में आएंगे नए पैक?
भारत सरकार ने उपभोक्ताओं को बेहतर खरीदारी में मदद करने के लिए खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार निर्धारित ...और पढ़ें

खाने के तेल की पैकेजिंग में हुए कई बदलाव
HighLights
सरकार ने खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार तय किए।
उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिलेगी आसानी।
निर्माताओं को नए नियम अपनाने के लिए तीन महीने।
नई दिल्ली| भारत सरकार ने खाने के तेल की पैकेजिंग में बड़ा बदलाव किया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने कानूनी मापन ढांचे (legal measurement framework) के तहत खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार निर्धारित किए हैं, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने और सोच-समझकर खरीदारी के निर्णय लेने में मदद करना है। इसके अलावा नए मानकों को अपनाने के लिए लास्ट डेट की भी घोषणा कर दी गई है।
ये हैं नई पैकेजिंग मानक
संशोधित SOP के तहत, प्रमुख खाद्य तेलों (Edible Oil) के लिए मानक पैक आकार निर्धारित किए गए हैं, जिनमें पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सूरजमुखी तेल, सरसों/रैपसीड ऑयल, मूंगफली तेल, तिल का तेल, राइस ब्रान ऑयल, कपासिया तेल और मक्का तेल के साथ-साथ मिश्रित खाद्य तेल शामिल हैं।
इसके साथ ही मिश्रित खाद्य तेलों के लिए 9 तरह के मानक पैक आकार निर्धारित किए गए हैं, जिसमें- 200 मिली/ग्राम, 500 मिली/ग्राम, 1 लीटर/किग्रा, 2 लीटर/किग्रा, 3 लीटर/किग्रा, 4 लीटर/किग्रा, 5 लीटर/किग्रा, 15 लीटर/किग्रा और 20 लीटर/किग्रा। की पैकेजिंग शामिल है।
नए तेल पैकेजिंग में क्या-क्या बदलाव?
छोटे खाद्य तेलों को मानक पैक साइज की जरूरत के हिसाब से छूट दे दी गई है। सभी खाद्य तेल के पैकेटों में, जहां मात्रा लीटर या मिलीलीटर में लिखी होती है, वहां उसके बराबर वजन (किलोग्राम या ग्राम में) भी साफ-साफ लिखना जरूरी होगा। ये नए नियम देश में बने और बाहर से आए दोनों तरह के खाद्य तेलों पर एक समान लागू होंगे।
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नए नियमों को आसानी से लागू करने के लिए, निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को तीन महीने का समय दिया जाएगा। हालांकि, जो कंपनियां या व्यवसाय इन नए मानक पैक साइज को तुरंत अपनाना चाहते हैं, वे अभी से लागू कर सकते हैं।
पैकेजिंग में बदलाव का बड़ा असर दिखेगा
Solvent Extractors Association of India (SEA) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने मीडिया से बातचीत कर कहा कि, सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, यह पहली नजर में पैकेजिंग में बदलाव लग सकता है, लेकिन इसका प्रभाव बड़े पैमाने पर कहीं अधिक बेहतर साबित होगा। “यह उपभोक्ता-फर्स्ट पहल है जो भ्रम को कम करने और Edible Oil की कीमत में विश्वास को मजबूत करने में मदद करेगी,”
SEA के एक्जक्यूटिव डायरेक्टर B.V. Mehta, ने कहा कि यह सरकार और उद्योग के बीच बेहतरीन सहयोग का एक उदाहरण है। यह दर्शाता है कि जब स्टेक होल्डर्स एक साथ बेहतर उद्देश्य के साथ आते हैं तो सार्थक सुधार हासिल किए जा सकते हैं।
