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रिकॉर्ड तोड़ महंगा सोना भी नहीं रोक पाया खरीदारी, 12% बढ़ी ज्वैलरी बिक्री; गोल्ड डिमांड ने क्यों किया हैरान?

Published: Wed, 28 Jan 2026 06:40 PM (IST)

Gold Silver Price Hike: दिसंबर 2025 में, रिकॉर्ड सोने की कीमतों के बावजूद भारत में आभूषणों की बिक्री में 12% ...और पढ़ें

रिकॉर्ड तोड़ महंगा सोना भी नहीं रोक पाया खरीदारी, 12% बढ़ी ज्वैलरी बिक्री; गोल्ड डिमांड ने क्यों किया हैरान?

रिकॉर्ड तोड़ महंगा सोना भी नहीं रोक पाया खरीदारी, 12% बढ़ी ज्वैलरी बिक्री; गोल्ड डिमांड ने क्यों किया हैरान?

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संक्षेप में पढ़ें

Gold Silver Price Hike: दिसंबर 2025 में देशभर के रिटेल बाजार से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई (Gold Price Record High) पर होने के बावजूद ज्वैलरी की बिक्री में जबरदस्त तेजी देखी गई। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में ज्वैलरी सेगमेंट में साल-दर-साल 12% की ग्रोथ दर्ज हुई।

एसोसिएशन के के 67वें रिटेल बिजनेस सर्वे के मुताबिक, कुल रिटेल बिक्री दिसंबर 2025 में पिछले साल के मुकाबले 10% बढ़ी। त्योहारी सीजन में 11% ग्रोथ के बाद साल के आखिरी महीने में भी मांग मजबूत बनी रही। लगातार स्टोर विजिट (फुटफॉल) और सोच-समझकर की गई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

सोना महंगा, फिर भी शादी की खरीदारी भारी

रिपोर्ट में खास तौर पर बताया गया है कि बीते दो महीनों में सोने की कीमतें लगभग 30% तक बढ़ चुकी हैं। इसके बावजूद शादी-ब्याह से जुड़ी खरीदारी ने ज्वैलरी डिमांड को मजबूत बनाए रखा। हालांकि, मात्रा के हिसाब से खरीद में थोड़ी गिरावट जरूर देखी गई, यानी लोग कम वजन लेकिन ऊंची कीमत का सोना खरीद रहे हैं।

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ज्वैलरी खरीद में कौन से इलाके रहे आगे?

क्षेत्रवार आंकड़ों में पश्चिम भारत सबसे आगे रहा, जहां 14% ग्रोथ दर्ज हुई। दक्षिण में 11%, उत्तर में 10% और पूर्वी भारत में 7% बढ़त रही। यानी मांग पूरे देश में फैली रही, किसी एक इलाके पर निर्भर नहीं थी।

किन सेक्टरों ने मारी बाजी?

ज्वैलरी के अलावा फूड और ग्रॉसरी, फर्नीचर, स्पोर्ट्स गुड्स और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ने भी डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की। QSR सबसे आगे रहा, जहां 16% की बढ़त रही। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और IT सेगमेंट सिर्फ 3% ही बढ़ पाए और महंगे गैजेट्स की खरीद लोगों ने टाल दी।

RAI के CEO क्या बोले?

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के CEO कुमार राजगोपालन ने कहा, "दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारी सीजन के बाद भी खपत स्थिर रही है, लेकिन अलग-अलग कैटेगरी में फर्क साफ दिख रहा है। रोजमर्रा और एक्सपीरियंस आधारित खर्च मजबूत है, जबकि बड़े और अपग्रेड वाले खर्च में सावधानी दिख रही है।"

यानी संक्षेप में कहें तो साल 2026 में रिटेल बाजार स्थिर तो दिख रहा है, लेकिन ग्राहक अब ज्यादा सोच-समझकर, वैल्यू पर ध्यान देते हुए खरीदारी कर रेह हैं और महंगे सोने के बावजूद भारतीयों का गोल्ड प्रेम बरकरार है।