Gold Silver Price: दुनिया में युद्ध छिड़ा, फिर भी क्यों गिर रहा सोना-चांदी? रिकॉर्ड हाई से कितना हुआ सस्ता
Gold Silver Price Today: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बावजूद सोने-चांदी की कीमतों में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं ...और पढ़ें
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Gold Silver Price: दुनिया में युद्ध छिड़ा, फिर भी क्यों गिर रहा सोना-चांदी? रिकॉर्ड हाई से कितना हुआ सस्ता

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर ग्लोबल कमोडिटी बाजार पर साफ दिख रहा है। तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है, लेकिन इसके उलट सोने-चांदी के दाम (gold silver price today) में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं दिख रही।
आम तौर पर जब जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी खरीदते हैं, जिससे इनके भाव तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन ईरान, अमेरिका और इजरायल (Iran-Israel-US War) के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद इस बार गोल्ड और सिल्वर में वैसी तेजी नहीं आई है।
दरअसल, वेस्ट एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट के चलते दुनिया की करीब 20 फीसदी ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी वजह से तेल और गैस के दाम तेजी से बढ़े हैं और बाजार में महंगाई का खतरा भी बढ़ गया है।
MCX पर कहां पहुंचे सोने-चांदी के ताजा दाम?
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम सोने का भाव करीब 100 रुपए गिरकर 1,58,400 रुपए (gold price today) पर बंद हुआ। वहीं चांदी की कीमत 8,683 रुपए टूटकर 2,59,279 रुपए (silver price today) प्रति किलो पर आ गई।
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ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
दिलचस्प बात यह है कि जंग शुरू होने से ठीक पहले सोना और चांदी दोनों ने ऑल-टाइम हाई बनाया था। सोने का रिकॉर्ड हाई करीब 1.93 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का रिकॉर्ड हाई 4.20 लाख रुपए प्रति किलो है।
मौजूदा कीमतों के हिसाब से सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 34,600 रुपए (gold price crash) सस्ता है, जबकि चांदी करीब 1.60 लाख रुपए नीचे कारोबार (silver price crash) कर रही है।
जंग के बीच क्यों नहीं बढ़ रहे सोने-चांदी के भाव?
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी नहीं आने की एक बड़ी वजह मजबूत होता अमेरिकी डॉलर भी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से बढ़कर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है और निवेशक फिलहाल सोने की जगह सुरक्षित मुद्रा डॉलर की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं।
मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालती हैं। यही कारण है कि बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बावजूद सोना और चांदी फिलहाल सुस्त नजर आ रहे हैं। डॉलर में मजबूती आते ही इन धातुओं के भाव पर दबाव और बढ़ जाता है।
15-20 फीसदी तक बढ़ सकता है सोना
आगे के अनुमान की बात करें तो विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है। अनुमान है कि साल 2026 तक सोना 15 से 20 फीसदी तक बढ़ सकता है।
हालांकि यह काफी हद तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका में मंदी के संकेत मिलते हैं तो सोना तेजी पकड़ सकता है, लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है तो सोने-चांदी की कीमतों में दबाव बना रह सकता है।
