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Gold Price: सोना-चांदी का भाव कब तक होता रहेगा कम, शादी सीजन में क्या होगा?

Published: Sun, 09 Nov 2025 06:05 PM (GMT+05:30)

सोने और चांदी के दामों में इस सप्ताह सुधार (Gold and Silver Price Forecast) की संभावना है। निवेशक अमेरिकी और ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। सोने-चांदी उतार-चढ़ाव के बीचइस हफ्ते सोने और चांदी के दामों में थोड़ी सुधार (Gold and Silver Price Forecast) की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक अब अमेरिका और चीन के खास आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व (Fed) के अधिकारियों के बयानों और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में होने वाली ट्रेड टैरिफ (व्यापार शुल्क) से जुड़ी सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

सोने की कीमतों में हल्की गिरावट

JM फाइनेंशियलसर्विसेज़ के उपाध्यक्ष (कमोडिटी और करेंसीरिसर्च) प्रणवमेर ने बताया कि सोने की कीमतें फिलहाल संकीर्ण दायरे में चल रही हैं। एक तरफ मजबूत डॉलर और कमजोर रिटेल डिमांड इसे ऊपर बढ़ने से रोक रहे हैं, वहीं अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता और सरकारी शटडाउन ने गिरावट को सीमित रखे हुए है।

उन्होंने कहा, ''अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रम्प के व्यापार शुल्कों की वैधता पर होने वाली सुनवाई से सोने में अस्थिरता (volatility) बढ़ सकती है।''

घरेलू बाजार में हलचल

मल्टीकमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव पिछले हफ्ते₹165 यानी 0.14% गिरकर ₹1,21,067 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए।एंजल वन के प्रथमेशमल्ल्या के मुताबिक, ''MCX गोल्ड₹1,17,000 से ₹1,22,000 के बीच कारोबार कर रहा है। कमजोर अमेरिकी जॉबडेटा, सेफहेवनडिमांड, रेट कट की उम्मीदें और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद निकट भविष्य में सोने को सहारा दे रही हैं।''

उन्होंने यह भी कहा कि 2025 में सोना 1979 के बाद अपनी सबसे बड़ी वार्षिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है।

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्थिरता

कॉमेक्स (Comex) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना हफ़्ते के दौरान $13.3 (0.33%) बढ़कर $4,009.8 प्रति औंस पर बंद हुआ। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिसर्च एनालि स्टरिया सिंह ने बताया, ''सोना $4,000 के आस-पास स्थिर है। फेड की नीतियों को लेकर मिले-जुले संकेत और अमेरिकी शटडाउन के कारण आधिकारिक मुद्रास्फीति (inflation) डेटा की कमी से बाज़ार थोड़ा अनिश्चित है।''

हालांकि सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर $4,390 से करीब 10% नीचे है, लेकिन फिर भी इस साल अब तक यह 50% से ज़्यादा बढ़ चुका है। यह1979 के बाद सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन है।

रिया सिंह ने बताया कि रेटकट्स, केंद्रीय बैंकों की 600 टन से ज़्यादा सोने की ख़रीद और ETF में लगातार इनफ्लो ने कीमतों को मजबूती दी है, हालांकि अक्टूबर के अंत में कुछ हफ्तों में निवेशकों ने मुनाफ़ा वसूला जिससे ETF से आउटफ्लो देखा गया।

 

चांदी भी सोने के साथ स्थिर

चांदी की चाल भी सोने जैसी ही रही है यानी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। MCX पर दिसंबर वायदा ₹559 (0.38%) गिरकर ₹1,47,728 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जबकि Comexपर चांदी $48.14 प्रति औंस रही है।

रिया सिंह ने बताया, "चांदी $48 के ऊपर टिकी हुई है। अमेरिकी शटडाउन और फेड नीति में बदलाव की उम्मीदों के बीच सेफ हेवन डिमांड ने इसे सहारा दिया है।''

दिलचस्प बात यह है कि वॉशिंगटन ने हाल ही में चांदी को अपने ‘क्रिटिकलमिनरल्स’ (महत्वपूर्ण खनिजों) की सूची में शामिल किया है, जिसमें अब कुल 60 खनिज हैं। इससे वैश्विक व्यापार प्रवाह और टैरिफ नीतियों पर असर पड़ सकता है।

JM फाइनेंशियल के प्रणवमेर का कहना है कि ''₹1,50,000–1,51,000 प्रति किलो के नीचे चांदी की चाल अभी सुधारात्मक बनी हुई है, जबकि नीचे ₹1,39,300-₹1,38,000 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है।''


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