Copper Price Crash: अमेरिका की चाल से कॉपर मार्केट में हाहाकार, 30 मिनट में 4.60% टूटे दाम; क्या करें निवेशक?
Copper Price Today: ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जब व्हाइट हाउस द्वारा रिफाइंड ...और पढ़ें
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अमेरिका की चाल से कॉपर मार्केट में हाहाकार
HighLights
व्हाइट हाउस के फैसले में देरी से कॉपर कीमतों में गिरावट।
महज 30 मिनट में कॉपर 4.50% से अधिक टूटा।
नीतिगत अनिश्चितता से बाजार में भारी बिकवाली और भगदड़।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमतों में भूचाल आ गया है। व्हाइट हाउस के एक बड़े नीतिगत असमंजस के चलते कॉपर के दाम महज 30 मिनट के भीतर 4.50 प्रतिशत से ज्यादा धड़ाम हो गए। इस अचानक आई भारी गिरावट से निवेशकों और ट्रेडर्स में हड़कंप (copper price crash) मच गया है, और बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली का दौर शुरू हो चुका है।
गुरुवार को शाम करीब 4 बजे यह भूचाल आया, जब यह खबर फैली कि अमेरिकी प्रशासन यानी व्हाइट हाउस ने रिफाइंड कॉपर पर टैरिफ लगाने को लेकर अभी तक कोई भी अंतिम फैसला नहीं लिया है। इस अनिश्चितता के कारण कॉपर मार्केट की हवा निकल गई।
क्यों मची है बाजार में खलबली?
असल में, अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर माथापच्ची चल रही है कि क्या कॉपर पर टैरिफ लगाने से घरेलू माइनिंग को बढ़ावा मिलेगा? दूसरी तरफ इस बात का भी डर है कि कॉपर महंगा होने पर अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स यानी निर्माताओं की उत्पादन लागत आसमान छूने लगेगी। इसी ऊहापोह और नीतिगत असमंजस ने कॉपर मार्केट में जबरदस्त वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया।
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कॉमेक्स और MCX पर भारी असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (Comex) पर कॉपर में करीब 4.60 प्रतिशत की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, भारतीय बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कॉपर का भाव 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। एमसीएक्स पर कीमत करीब 60 रुपए की गोता लगाते हुए दिन के सबसे निचले स्तर 1,370 रुपए (copper price today) पर पहुंच गई थी। हालांकि, निचले स्तर पर कुछ खरीदारी लौटने के बाद इसमें हल्की रिकवरी भी आई और यह 1,385 रुपए के आसपास ट्रेड करता नजर आया।
कोटक सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट क्या बोले?
कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च हेड, अनिंद्य बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर रोशनी डालते हुए कहा कि कॉपर में यह अचानक आई तेज गिरावट मुख्य रूप से उस ट्रेड के अनवाइंडिंग (सौदा काटने) की वजह से है, जो संभावित अमेरिकी टैरिफ के इर्द-गिर्द बनाया गया था।
खरीदारों ने पहले ही अमेरिका में मेटल का भारी स्टॉक जमा कर लिया था, जिससे बाकी जगहों पर सप्लाई टाइट हो गई थी और भारी इन्वेंट्री के बावजूद कीमतें ऊपर बनी हुई थीं। लेकिन वाशिंगटन का रुख साफ न होने से अब वह ट्रेड कमजोर पड़ गया है।"
अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, एमसीएक्स पर कॉपर अपने हालिया पीक से गिरकर 1,430 रुपए से फिसलकर लगभग 1,375 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जो इसके पिछले शिखर से करीब 4 प्रतिशत नीचे है। हालांकि, यह गिरावट अपने आप में यह संकेत नहीं देती कि ग्लोबल इंडस्ट्रियल डिमांड में कोई बड़ा पतन आ गया है।
आगे की चाल पूरी तरह से अमेरिका के फाइनल टैरिफ फैसले और फिजिकल डिमांड पर निर्भर करेगी। दूसरी ओर, भारतीय कॉपर उपभोक्ता निर्माताओं के लिए अगर कीमतें लंबे समय तक नीचे रहती हैं, तो उनकी इनपुट कॉस्ट यानी कच्चे माल की लागत में राहत जरूर मिलेगी।
