नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेगी। यह वर्तमान सरकार का आखिरी बजट भी होगा। अंतरिम बजट सरकार के खर्चों की एक रिपोर्ट होती है। यह सरकार की प्राप्तियों और खर्चों का ब्यौरा होता है, हालांकि इस बजट में किसी पॉलिसी का प्रस्ताव नहीं दिया जाता है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली मेडिकल लीव पर अमेरिका में हैं और इस बार संसद में बजट पेश नहीं कर पाएंगे। रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है और वो ही 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश करेंगे। 21 जनवरी को हलवा रस्म के साथ ही बजट की छपाई का काम शुरू कर दिया गया था। साथ ही बजट छपाई से जुड़े अधिकारियों को बजट के पेश हो जाने तक के लिए एक तरह की कैद दे दी गई थी, वो 1 फरवरी तक किसी से संपर्क नहीं कर सकते हैं।

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से पहले आपको ये पांच बातें जाननी चाहिए:

  • वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बजट विभाग के अधिकारियों की ओर से बजट तैयार किया जाता है, जिसमें अन्य मंत्रालयों से सलाह ली जाती है। इसमें बजट भाषण, वार्षिक वित्तीय विवरण, फाइनेंस बिल,डिमांड फॉर ग्रांट और माइक्रोइकोनॉमिक्स फ्रेमवर्क शामिल होता है।
  • अंतरिम बजट आम तौर पर तब पेश किया जाता है जब सरकार के कार्यकाल को कुछ ही महीने बचे होते हैं और सरकार को तब तक के कामकाज को चलाने के लिए फंड की जरूरत होती है। अंतरिम बजट के बाद नई सरकार की ओर से पूर्ण बजट पेश किया जाता है।
  • वर्ष 1999 तक पहले बजट 28 या 29 फरवरी को शाम को पांच बजे पेश किया जाता था। हालांकि वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसके समय को शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। तब से बजट सुबह 11 बजे ही पेश होता है। वहीं वर्ष 2016 में अरुण जेटली ने रेल और आम बजट को एक कर दिया।
  • बजट पहले फरवरी के आखिरी कार्यकारी दिवस पर पेश किया जाता था, हालांकि मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया। अब बजट फरवरी के पहले कार्यकारी दिवस पर पेश किया जाने लगा है। बजट सत्र की शुरुआत आज से (31 जनवरी) हो गई है और लोकसभा एवं राज्यसभा में ये सत्र 13 फरवरी तक चलेगा।
  • संवैधानिक रूप से, निवर्तमान सरकार को टैक्स में बदलाव करने और अंतरिम बजट में नई नीतियों की घोषणा करने की अनुमति है, लेकिन आजादी के बाद से अब तक 12 बार अंतरिम बजट पेश किया जा चुका है और इनमें मौजूदा सरकारों ने किसी बड़े बदलाव या घोषणा से परहेज ही किया है। ऐसा इसलिए ताकि आगामी सरकार बिना किसी बोझ के पूर्ण बजट पेश कर पाए।

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Edited By: Praveen Dwivedi