नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। Union Budget 2019-20: यूनियन बजट 2019-20 कुल मिलाकर, अंतरिम बजट को आगे बढ़ाते हुए लॉन्ग-टर्म के रूप में अधिक संतुलित है। इस बजट को भारत के विकास को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है और साथ ही ये भारतीय कंपनियों या कॉरपोरेट्स के साथ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ANAROCK Property के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार, बजट में रियल एस्‍टेट के लिए कुछ अच्छा हुआ, लेकिन बहुत कुछ ऐसा था जिसकी आशा तो थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई। इन्‍फ्रास्ट्रक्चर सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर रहा। यह निश्चित रूप से जरूरी है, क्योंकि इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर का विकास बहुत अहम है और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट लाभ के लिए भी जरूरी है।

अनुल पुरी के अनुसार, नई वित्त मंत्री के लिए मोदी 2.0 के पहले बजट में प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना बहुत जरूरी कार्य था। देश को आर्थिक मंदी से बाहर निकालना और रोजगार पैदा करना भी प्राथमिकताओं की सूची में अधिक था। यूनियन बजट सेविंग और इन्वेस्टमेंट को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने को ध्यान में रखते हुए था। डिजिटल इकोनॉमी और स्टार्ट-अप इवोल्यूशन की ओर इसका जोर लंबे समय में अप्रत्यक्ष रूप से होगा। जैसा कि उम्मीद थी कि PMAY योजना के तहत किफायती आवास को बढ़ावा दिया जाएगा।

रियल एस्टेट के लिए सकारात्मक चीजें किफायती आवास लेने में अब लोगों को अधिक मदद मिलेगी। सरकार ने कई टैक्स बेनिफिट की घोषणा की जिससे किफायती आवास की डिमांड में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। 45 लाख रुपये तक के किफायती आवास पर ब्याज में 2 लाख रुपये तक की छूट को बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया, जो लोग पहली बार घर खरीद रहे हैं उन्हें इसका फायदा मिलेगा। इसके अलावा वित्त वर्ष 20 से वित्त वर्ष 22 के बीच PMAY-ग्रामीण के तहत लगभग 1.95 करोड़ घर उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव है।

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट को बढ़ावा माना जा रहा था कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, समर्पित माल गलियारे, रेलवे और एयरवे समेत फिजिकल कनेक्टिविटी के विकास को बढ़ावा दिया गया है। इन क्षेत्रों में अगले 5 सालों में सरकार की 100 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की योजना है, इससे रियल एस्टेट को काफी फायदा होगा।

कस्टम ड्यूटी कई प्रकार के कच्चे माल जैसे पीवीसी, विनाइल फ्लोर आदि पर कस्टम ड्यूटी इजाफा किया गया है, इससे रियल एस्टेट में कीमत बढ़ने की संभावना है।

जीएसटी में आईटीसी बेनिफिट नहीं आईटीसी बेनिफिट के बिना बिल्डरों को कम लाभ होता है। इससे खरीदारों के लिए कीमतें बढ़ जाती हैं।  

Posted By: Sajan Chauhan

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