नई दिल्ली (पीटीआइ)। Union Budget 2019: राष्ट्रीय ट्रक ड्राइवरों के संगठन ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर 2 फीसद टीडीएस और डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर सेस लगाने के बजट प्रस्ताव के जरिए उन्हें तबाह करना चाहती है।

अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के कदमों से विदेशी खिलाड़ी इंडस्ट्री में कदम रखेंगे। कोर कमेटी के अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने कहा डीजल और पेट्रोल पर सर चार्ज में 1 रुपये की बढ़ोतरी और एक साल में 1 करोड़ रुपये से अधिक कैश निकालने पर 2 फीसद टीडीएस से ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काफी गिरावट आएगी। ट्रांसपोर्ट सेक्टर कैश बेस्ड इंडस्ट्री जो कि पहले से ही कई अन्य मुद्दों के तहत झूझ रही है।

अपने पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को डीजल और पेट्रोल में प्रति लीटर पर 1 रुपये सेस लगाने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि मैंने पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर को 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि नकदी निकासी पर टीडीएस को 2 फीसद करने का कदम इकोनॉमी में कैश के इस्तेमाल को कम करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है

सिंह ने इस कदम को घरेलू ट्रांसपोर्टरों को खत्म करने के लिए एक व्यवस्थित योजना के रूप में करार दिया, खासतौर पर वह जिनके पास अधिकतम 5 ट्रक हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में असंवेदनशीलता कोई नई बात नहीं है, लेकिन नए वित्त मंत्री से यह अपेक्षा की जाती है कि वे मोदी सरकार में 15 करोड़ से अधिक सड़क ट्रांसपोर्टर को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ें। सिंह ने ट्रांसपोर्टर्स की चिंताओं का ध्यान रखने के लिए फाइनेंस बिल में आवश्यक संशोधन करने की मांग रखी है। 

Posted By: Sajan Chauhan

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