नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किया गया मोदी सरकार 2.0 का पहला केंद्रीय बजट कई सुधारवादी नीतियां लेकर आया है। इस बजट में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए भी खास कदम उठाए गए हैं। वित्त मंत्री ने बजट में डिजिटल भुगतान करने वाले कारोबारियों को छूट देने का फैसला लिया है।

वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करते हुए डिजिटल भुगतान और डिजिटल साक्षरता अभियान को लेकर सरकार द्वारा किये गए कार्यों को बताया। वित्त मंत्री ने बजट में एक साल में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी करने पर 2 फीसद का अतिरिक्त टीडीएस लगाने की घोषणा की। साथ ही डिजिटल भुगतान करने वाले कारोबारियों को प्रोत्साहन देने की बात कही।

वित्त मंत्री ने बताया कि सालाना 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी यदि अपने ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट का विकल्प देते हैं तो उन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि भीम, आधार-पे, डेबिट कार्ट, एनईएफटी, आरटीजीएस और यूपीआई- क्यूआरकोड जैसे डिजटल भुगतान माध्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कारोबारियों को प्रोत्साहित किया गया है।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि डिजिटल भुगतान में बढ़ोतरी लाने के लिए आयकर अधिनियम तथा भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में आवश्यक संसोधन किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दो करोड़ से अधिक ग्रामीणों को डिजिटली रूप से साक्षर बनाया गया है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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