नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। आगामी मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पूरी तरह से पेपरलेस बजट पेश करेंगी। बजट छपाई का काम नहीं होने से इस बार बजट तैयार करने वाले कर्मचारियों के लिए हलवा रस्म का आयोजन भी नहीं किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के कारण बजट निर्माण से जुड़े कर्मचारियों को हलवा की जगह मिठाई खिलाई गई।

मोबाइल एप पर उपलब्ध होगा बजट

संसद में बजट पेश होने के बाद पूरा बजट यूनियन बजट नामक मोबाइल एप पर उपलब्ध होगा। इस एप को यूनियन बजट की साइट या वित्त मंत्रालय की साइट पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप अंग्रेजी के साथ हिन्दी में भी उपलब्ध होगा। एंड्राइड और आइओएस दोनों ही प्लेटफार्म पर यह एप उपलब्ध होगा।

एप पर मिल जाएंगे सभी दस्तावेज

पिछले वर्ष से ही पेपरलेस बजट पेश करने की परंपरा शुरू हो गई थी और यह एप लांच किया गया था, ताकि सभी सांसद और आम जनता बजट दस्तावेज बिना किसी दिक्कत के प्राप्त कर सके। इस वर्ष भी संसद में बजट पेश होने के बाद एप पर बजट से संबंधित सभी दस्तावेज मिल जाएंगे।

कर्मचारियों को दी गई मि‍ठाई

पिछले वर्ष 23 जनवरी को हलवा रस्म का आयोजन किया गया था लेकिन इस बार कोरोना महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए इसका आयोजन नहीं किया गया और इसकी जगह कर्मचारियों को मिठाई दी गई।

पुरानी रही है हलवा रस्म प्रक्रिया

आम बजट दस्तावेज की छपाई की शुरुआत हलवा सेरेमनी से होती थी, जिसमें एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाया जाता था। इसे वित्त मंत्रालय के अधिकारियों-कर्मचारियों में वितरित किया जाता था। इस आयोजन में वित्त मंत्री, वित्त राज्यमंत्री और अन्य अधिकारी शामिल होते थे।

पहले यह होती थी प्रक्रिया

उसके बाद वित्त मंत्रालय के नार्थ ब्लाक स्थित कार्यालय के बेसमेंट में चुनिंदा कर्मचारियों को छपाई के काम में लगाया जाता था। बजट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए लोकसभा में पेश किए जाने तक दो सप्ताह से भी अधिक समय के लिए ये कर्मचारी दुनियाभर, यहां तक कि अपने परिवार से भी पूरी तरह कटे रहते थे।

टैबलेट पर बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2019 में अपना पहला बजट पेश करते हुए पिछले वित्त मंत्रियों द्वारा बजट कापी को एक ब्रीफकेस में संसद में ले जाने की वर्षों पुरानी परंपरा त्यागी। इसकी जगह वह बही-खाता के रूप में बजट दस्तावेज लेकर संसद पहुंचीं। पिछले वर्ष एक कदम आगे जाते हुए उन्होंने संसद में बजट के छपे दस्तावेज नहीं, बल्कि टैबलेट पर बजट के अंश पढ़े। 

Edited By: Krishna Bihari Singh