नई दिल्ली, पीटीआइ। टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर ने आने वाले बजट में सरकार से कई तरह की राहत मांगी है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी का इन दो क्षेत्रों पर बहुत ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, इससे उबरने के लिए उन्हें बजट 2021 में कुछ राहत की उम्मीद है। एफएचआरएआई ने उम्मीद जताई है कि आगामी बजट में हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

इंडियन टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी के संघों के महासंघ (एफएआईटीएच) ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया कि केंद्र और राज्यों के बीच टूरिज्म को लेकर मिला-जुला दृष्टिकोण अपनाया जाये और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों की एक नेशनल टूरिज्म काउंसिल का गठन हो। इस काउंसिल में पर्यटन मंत्री को भी शामिल किया जाए। बयान के मुताबिक, महासंघ की मांग है कि देश भर में पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिले।

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महासंघ के कार्यवाहक सीईओ आशीष गुप्ता ने कहा, 'एफएआईटीएच के सदस्य सरकार के विभिन्न सदस्यों के संपर्क बनाये हुए हैं और उन्हें उम्मीद है कि आम बजट में उचित राहत मिलेगी। गुप्ता के अनुसार, एफएआईटीएच की ओर से टूरिज्म सेक्टर के लिए कई तरह की कर राहत देने की मांग हुई है, जिसमें निर्यात आय को टैक्स फ्री और भारत में यात्रा करने पर आयकर छूट दिया जाना शामिल है। 

भारतीय होटल और रेस्टोरेंट संघ के महासंघ (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह कोहली ने कहा, 'बीते आठ महीनों में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर कोरोना महामारी से बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है और आने वाले बजट से यह पता चलेगा कि हमारे लिए आगे के रास्ते कैसे होंगे। उन्होंने कहा हमें सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।' 

कोहली ने कहा कि उद्योग को अब तक बहुत मदद नहीं मिलने से से एफएचआरएआई को उम्मीद है कि आने वाले बजट में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर पर विशेष ध्यान होगा।

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