नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार 1 फरवरी को मोदी सरकार के कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। यह सीतारमण का भी दूसरा बजट है। वित्तमंत्री सीतारमण ने इस बजट में कई सारी घोषणाएं की हैं, जो अर्थव्यवस्था, निवेशकों के साथ-साथ सभी सेक्टरों के लिए की गई है। सरकार का कहना है कि वह देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है।

बजट पर अलग-अलग प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। इसमें सियासी, कॉर्पोरेट और सोशल मीडिया जगत से कई सारे रिएक्शन सामने आए हैं। महिन्द्रा म्युचुअल फंड के एमडी एवं सीईओ आशुतोष बिश्नोई ने कहा, 'बजट में पर्सनल आयकर स्लैब की वजह से आम आदमी के हाथ में ज्यादा खर्च करने के लिए पैसे मिलेंगे। जब पैसे ज्यादा खर्च होंगे तो इसका फायदा अर्थव्यवस्था को मिलता है और मैं उन सभी लोगों से यह कहना चाहूंगा कि जब उनके हाथ में ज्यादा पैसे हों तो वे इसका उपयोग या तो लंबी अवधि में इक्विटी फंड में निवेश करने के लिए करें, या फिर उसका एसआईपी कर थो़ड़ा -थोड़ा निवेश करते रहें, ताकि लम्बी अवधि में उनके पास एक अच्छा खासा कार्पस तैयार हो सके जिसका उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, घर खरीदने, शादी करने या इस तरह के किसी महत्वपूर्ण काम में कर सकते हैं।'

आशुतोष बिश्नोई ने कहा, 'दूसरी बात लाभांश वितरण कर (डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स) को खत्म करना एक स्वागतयोग्य कदम है और यह उन सभी म्युचुअल फंड के निवेशकों के लिए एक अच्छा कदम है जो म्युचुअल फंड से प्राप्त होनेवाली लाभांश आय पर भरोसा करते हैं। तीसरी बात बाजार स्तर पर एफपीआई की भागीदारी कॉर्पोरेट बांड बाजार में बढ़ने से तरलता और वोल्यूम में वृद्धि का एक लाभदायक परिणाम होगा और कॉर्पोरेट की लांग टर्म क्रेडिट तक पहुंच की अनुमति होगी।'

उन्होंने कहा कि बजट में आधार के जरिए पैनकार्ड को जारी करने का प्रस्ताव है और इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नए निवेशकों को म्युचुअल फंड में आने के लिए आसान रास्ता होगा। एमडी एवं सीईओ ने कहा, 'चूंकि आधार 100 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास है इसलिए इसका फायदा दूरदराज तक होगा। सरकार ने सरकारी प्रतिभूति पर आधारित एक अन्य ईटीएफ को पेश करने का प्रस्ताव रखा है और इससे रिटेल भागीदारों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में शामिल होने का मौका मिलेगा और इससे सरकार को पैसे उधारी लेने का एक और रास्ता मिलेगा।'

उन्होंने स्वास्थ्य, किसानों, शिक्षा पर भी अपनी राय रखी, बिश्नोई ने कहा, 'सरकार ने स्वास्थ्य, किसानों, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं पर व्यापक खर्च का प्रस्ताव रखा है जो देश के ग्रामीण स्तर तक पहुंचेगा और इससे लोगों की आय बढ़ेगी तो इसका एक अलग ही फायदा अर्थव्यवस्था को होगा। यही नहीं, सरकार ने इस बार विनिवेश के लक्ष्य को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रखा है और इससे निवेशकों को ढेर सारी अच्छी कम्पनियों के शेयरों को खरीदने और उसमें शामिल होने का मौका मिलेगा।'  

Posted By: Nitesh

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