नई दिल्ली, जेएनएन। Budget 2020: निर्मला सीतारमण ने रियल एस्टेट को उबारने की कोशिश की है। उन्होंने बजट में घोषणा की है कि अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम मार्च 2021 तक लागू रहेगी। यानी अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम का दायरा एक साल बढ़ा दिया गया है। सस्ते मकान की खरीद के लिए 1,50,000 रुपये तक अतिरिक्त कटौती को एक साल और बढ़ाने का प्रस्ताव है।

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पीएम मोदी का वादा, सभी के लिए घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी के लिए घर का वादा किया है। रियल एस्टेट को उम्मीद थी कि इस बजट में इसे सेक्टर का दर्जा मिल जाएगा, जिससे इसकी हालत में सुधार होगा। वर्तमान में घर खरीदने पर इंट्रेस्ट पर 2 लाख रुपये तक छूट मिलती है। इसके अलावा सेक्शन 80सी के तहत मूलधन पर भी 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। 

पिछले कुछ सालों से कीमतें लगभग स्थिर

रियल एस्टेट का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में आठ फीसदी है, लेकिन अभी संकट से जूझ रहा है।  जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद पारदर्शिता आई और पिछले कुछ सालों से कीमतें लगभग स्थिर है।

पिछले साल की बजट की बड़ी घोषणाएं

पिछले साल बजट में रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की गई थीं। स्वयं के कब्जे वाले मकान की खरीद के लिए कर्ज पर ब्याज की कटौती को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया था।  सस्ती आवासीय परियोजनाओं की आय के लिए 100 प्रतिशत की कटौती प्रदान की गई थी। दीर्घावधिक पूंजीगत लाभों की गणना के लिए आधार वर्ष 1981 से बदलकर 2001 कर दिया गया। वहीं अचल संपत्ति पर दीर्घावधिक लाभ के लिए धारिता अवधि को 36 महीने से घटाकर 24 महीने कर दिया गया।  

अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी राकेश यादव के अनुसार, यह एक प्रगतिशील बजट है जो सकारात्मक दिशा में सही मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। इस में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अधिक प्रोत्साहन, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए कर राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास शामिल है। बजट से साफ है कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पर फोकस कर रही है क्योंकि अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के अप्रूवल की सीमा को मार्च 2020 से 2021 तक लाने का प्रस्ताव दिया गया है। जीडीपी के लक्ष्य को पाने के लिए रियल एस्टेट को बूस्ट देना जरूरी था।

Edited By: Vineet Sharan