नई दिल्ली, टेक डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए कहा कि 'ये देश की आकांक्षाओं का बजट है।' इस बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है और इस बार भी सरकार का फोकस बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम पर रहा। बजट के दौरान निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार द्वारा दिए गए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में बात करते हुए कहा कि इस अभियान की वजह से स्कूलों में लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में काफी बढ़ी है।

बजट के दौरान आंकड़ों बताते हुए जानकारी दी गई कि शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिक स्तर पर लड़कियों की संख्या 94.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं माध्यमि स्तर पर लड़कियों की संख्या में 81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि उच्च माध्यमिक स्तर पर 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

इसके अलावा बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और उचित पोषण को लेकर भी कुछ घोषणाएं की है। वित्त मंत्री ने महिला संबंधी योजनाओं के लिए 28,600 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 85,000 करोड़ रुएये का प्रावधान और अनुसूचित जनजाति के लिए 53,700 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। 

बता दें कि जब निर्मला ​सीतारमण ने जैसे ही संसद में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं का जिक्र किया, उस समय संसद में विपक्ष में हंगामा करना शुरू कर दिया और पीछे से लोगों ने कुछ नाम लेकर नारे भी लगाए। लेकिन अपने भाषण को पूरा करते हुए वित्त मंत्री ने इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ क्लचर बनाने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा देश में आइकॉनिक म्यूजियम बनाए जाएंगे, जिसमें मेरठ जिले का हस्तिनापुर भी शामिल है।

Posted By: Renu Yadav

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