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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Union Budget 2020: Insurance इंडस्ट्री ने की Tax में और अधिक छूट देने और GST दर घटाने की मांग

By Pawan JayaswalEdited By:
Published: Fri, 24 Jan 2020 05:55 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jan 2020 08:50 AM (IST)

Union Budget 2020 Expectations एम एन शर्मा ने कहा लोगों के बीच आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जनरल ...और पढ़ें

Union Budget 2020: Insurance इंडस्ट्री ने की Tax में और अधिक छूट देने और GST दर घटाने की मांग
Union Budget 2020: Insurance इंडस्ट्री ने की Tax में और अधिक छूट देने और GST दर घटाने की मांग

मुंबई, पीटीआइ। इंश्योरेंस इंडस्ट्री को एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट से और अधिक टैक्स इन्सेंटिव की उम्मीद है, जिससे जनता के बीच इंडस्ट्री लाइफ और जनरल कवर की पहुंच बढ़ा सके। एक प्री बजट ज्ञापन में लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल ने पर्सनल टैक्स में अतिरिक्त छूट या व्यक्तिगत लाइफ पॉलिसीज के लिए प्रीमियम भुगतान की मौजूदा सीमा को बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश करेंगी।

लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के सचिव एस एन भट्टाचार्य ने कहा, 'हम वित्तमंत्री से निवेदन करते हैं कि व्यक्तिगत लाइफ पॉलिसीज पर प्रीमियम भुगतान के लिए अलग से छूट प्रदान करने का प्रावधान हो। अगर अलग से छूट नहीं दी सा सके, तो धारा 80सी के तहत मौजूदा 1.5 लाख की सीमा को बढ़ाकर 3 लाख कर दिया जाए।'

आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कमलेश राव ने कहा कि पहली बार लाइफ इंश्योरेंस खरीदारों के लिए 50,000 का अलग डिडक्शन हो। राव ने कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट बेनिफिट के साथ 12 फीसद की कम जीएसटी रेट पॉलिसीहोल्डर्स और कंपनीज दोनों के लिए फायदेमंद होगी।

नॉन-लाइफ इंश्योरेंस उद्यमियों का प्रतिनिधित्व करने वाली जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ने भी सरकार से जीएसटी को 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने की मांग की है।

जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के सचिव जनरल एम एन शर्मा ने कहा, 'इंश्योरेंस एक बड़ी आवश्यकता बन गई है। लोगों के बीच आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट को 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने की जरूरत है।'

नॉन-लाइफ उद्यमियों ने भी सरकार से आवासीय संपत्ति के इंश्योरेंस के लिए इनकम टैक्स में 10,000 रुपये की टैक्स छूट देने की मांग की है।