नई दिल्ली, अरविंद पांडेय। बजट में जहां महिलाएं प्राथमिकता में रहीं वहीं बुजुर्गो और दिव्यांगजनों को भी खासी अहमियत दी गई है। बजट में उनके लिए 9500 करोड़ रुपये का खास प्रावधान किया है। यह उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा। मौजूदा समय में सरकार इन्हें स्वास्थ्य, परिवहन, पेंशन जैसे कई सुविधाएं मुहैया करा रही हैं जिन्हें अब और भी बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। 

समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े भिखारियों का भी सरकार ने पूरा ख्याल रखा है। उनके पुनर्वास के लिए सरकार ने पिछले साल के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा पैसा दिया है। वित्त वर्ष 2019-20 में भिखारियों के पुनर्वास के लिए महज 25 करोड़ रुपये दिए गए थे, इस बार उनके लिए 100 करोड़ दिए गए हैं। 

समाज के सभी उपेक्षित लोगों के संबंध में सरकार की सोच तब दिखी, जब वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि उन्हें बुजुर्गो और दिव्यांगजनों की परेशानियों की पूरी चिंता है। सरकार के यह कदम इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि देश में मौजूदा समय में करीब तीन करोड़ दिव्यांगजन और दस करोड़ से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक हैं। 

वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2050 तक यह संख्या 32 करोड़ के आसपास हो जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों का ख्याल रखते हुए सरकार इनकी देखभाल को लेकर एक नया कानून भी ला रही है जो संसद में पेश हो चुका है। बजट सत्र में इसके पारित होने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद देश में बुजुर्गो की बेहतर देखभाल के लिए और वृद्धाश्रम खुलेंगे, जो चिकित्सीय सुविधाओं से लैस रहेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मुताबिक बुजुर्गो के लिए चल रही वयोश्री स्कीम में तेजी दिखेगी। इसे आने वाले दिनों में सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

नशामुक्ति की तेज होगी मुहिम: बजट में सरकार ने नशा मुक्ति की मुहिम को तेज करने का फैसला लिया है। इसके तहत आने वाले वित्तीय वर्ष में 260 करोड़ खर्च किए जाएंगे। हाल ही में सरकार ने नशा मुक्ति के लिए एक नेशनल प्लान भी तैयार किया है जिसे एक विस्तृत सर्वे के बाद अंतिम रूप दिया गया है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बजट में पहली बार नशामुक्ति के लिए इतनी बड़ी राशि दी गई है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस