नई दिल्ली, रायटर। रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले खुदरा चीजों की बिक्री करने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) को खरीदने के फैसले के बाद जोमैटो (Zomato) लिमिटेड के शेयरों में गिरावट का दौर जारी है। मंगलवार को भी जोमैटो के शेयर 8.2 फीसद तक गिरे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस लगातार गिरावट के चलते कंपनी को तकरीबन 1 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। बता दें कि फूड डिलीवरी से जुड़े जोमैटो लिमिटेड ने बीते शुक्रवार को कहा था कि वह 44.47 अरब रुपये (568.16 मिलियन डॉलर) में ब्लिंकिट का अधिग्रहण करेगा। इस फैसले के पीछे की वजह जोमैटो द्वारा फुटकर डिलीवरी चेन में अपनी बादशाहत कायम करना है।

आसान नहीं है जोमैटो की डगर

जोमैटो ने सॉफ्टबैंक समूह द्वारा समर्थित ब्लिंकिट (SoftBank Group-backed Blinkit) में 9 फीसद अधिक शेयरों के बदले अगस्त तक लगभग 518 करोड़ रुपये और अगले दो वर्षों में 400 मिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। जबकि कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषक मानते हैं कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए ब्लिंकिट को जोमैटो द्वारा ऑफर किए गए 400 डॉलर से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी।

14 फीसदी की हो चुकी है गिरावट

कंपनी के शेयरों में इस डील के बाद से बाद से 14 फीसदी तक की गिरावट आई है। मॉर्गन स्टेनली क्लाइंट नोट (Morgan Stanley client note) के अनुसार, अधिग्रहण के बाद Zomato द्वारा ब्लिंकिट को नए शेयर जारी करने से (इसमें कर्मचारियों का स्टॉक ऑप्शन पूल भी शामिल है) कुल बकाया शेयरों के 7.25 फीसदी को लिक्विडेट करने की जरूरत होगी।

क्विक कॉमर्स सेक्टर में लीड करने की होड़

भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी स्विगी (Swiggy), रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित डंजो, टाटा समर्थित BigBasket और Zepto जैसे खिलाड़ी निवेश कर रहे हैं। रिसर्च फर्म रेडसीर के मुताबिक यह उद्योग पिछले साल 300 मिलियन डॉलर का था और 2025 तक इसके 10-15 गुना बढ़कर 5 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।

Edited By: Siddharth Priyadarshi