नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। मार्च, 2020 में थोक महंगाई दर (WPI Inflation) में भारी कमी देखने को मिली। देश में पिछले महीने वस्तुओं की थोक मुद्रास्फीति फरवरी के 2.26 फीसद के मुकाबले घटकर एक फीसद रह गई। सालाना आधार पर देखा जाए तो पिछले साल मार्च में थोक महंगाई दर 3.18 फीसद पर थी। देश में खाने-पीने के सामान के दाम में भारी कमी की वजह से थोक महंगाई दर में यह नरमी देखने को मिली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक मार्च में खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी के 7.79 फीसद से घटकर मार्च में 4.91 फीसद पर आ गई।  

यह आंकड़ा ऐसे समय में आया है जब देश और दुनिया कोरोनावायरस की वजह से अभूतपूर्व परिस्थितियों का सामना कर रही है। वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च से देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन है।

आने वाले समय में आंकड़े में हो सकता है संशोधन

सरकार ने मार्च की थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े के साथ एक स्पष्टीकरण भी जारी किया है। सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से मार्च में आंकड़े एकत्र करने के काम पर कुछ प्रभाव पड़ा है और आने वाले समय में इस आंकड़े में उल्लेखनीय संशोधन देखने को मिल सकता है।

सब्जियों के दाम में भारी कमी

सब्जियों की थोक मुद्रास्फीति में मार्च में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। यह फरवरी के 29.97 फीसद से घटकर मार्च में 11.90 फीसद पर आ गई। ईंधन और पावर की मुद्रास्फीति में 1.76 फीसद की नकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। वहीं, विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर में 0.34 फीसद की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

सरकार ने इसके साथ ही जनवरी के थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े को 3.10% से संशोधित कर 3.52% कर दिया है।

Posted By: Ankit Kumar

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