नई दिल्ली, पीटीआइ। वॉलमार्ट के सीईओ डॉ मैकमिलन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर व्यापार संबंधी सुविधाओं की मांग की है। उधर भारतीय ट्रेड संगठन कैट ने इसे दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है और प्रधानमंत्री से वॉलमार्ट को किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं दिए जाने का आग्रह किया है। मैकमिलन ने अपने पत्र में कहा है कि भारत में स्थिर और खुला व्यापारिक माहौल बनाया जाए, जिससे निवेश सुरक्षित हो सके। 

विश्व के सबसे बड़े रिटेलर वॉलमार्ट के सीईओ ने भारत में स्टोर खोलने के लिए जरूरी मंजूरियों की संख्या घटाकर इसमें लगने वाला समय कम करने की अपील भी की। गौरतलब है कि वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिकार्ट में 16 अरब डॉलर का निवेश किया है। सरकार द्वारा एफडीआइ नियमों में परिवर्तन के बाद कंपनी अपने ई-कॉमर्स बिजनेस में कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है।

प्रधानमंत्री को मिलखे पत्र में मैकमिलन ने कहा कि कई तरह के परमिट लेना रिटेल सेक्‍टर के लिए चुनौती से कम नहीं है। उन्‍होंने कहा कि औसतन एक नए बेस्‍ट प्राइस स्‍टोर खोलने के लिए हमें अभी 45 से ज्‍यादा परमिट लेने की जरूरत है। साथ ही इसमें तीन साल का वक्‍त भी लगेगा। अमेरिका और दूसरे बाजार जहां हम परिचालन करते हैं, उसकी तुलना में यह प्रक्रिया काफी लंबी है।

वॉलमार्ट के जवाब में पीएम को लिखे पत्र में कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वॉलमार्ट सिर्फ दबाव बनाने की कोशिश में है। वॉलमार्ट की नजर भारत के 45 लाख करोड़ रुपये के रिटेल मार्केट पर है। उन्होंने कंपनी पर अनुचित तरीकों से भारत में एकाधिकार जमाने और इकोनॉमी को सीधे नियंत्रित करने की कोशिश का आरोप लगाया।

Posted By: Manish Mishra

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