नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अपने सौदे को अंतिम रूप दे रहा है, यहां तक कि इसका सबसे बड़ा शेयरधारक माना जाने वाला सॉफ्टबैंक भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी (फ्लिपकार्ट) में करीब 4 अरब डॉलर का निवेश करने को भी तैयार है। लेकिन यह उसी सूरत में होगा जब वो उसके साथ वैकल्पिक मर्जर के विकल्प को चुनेगा। वहीं अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भी इससे पहले फ्लिपकार्ट में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अपना ऑफर पेश किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

अमेजन के दांव पर भारी पड़ा वॉलमार्ट: जानकारी के मुताबिक वॉलमार्ट ने भारत की दिग्गज ई-रिटेल फ्लिपकार्ट में 55 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव रखा है। वहीं इस डील को रोकने के लिए बुधवार को अमेजन ने फ्लिपकार्ट के सामने 60 फीसद शेयर खरीदने का प्रस्ताव रखा था। वॉलमार्ट ने इस डील के लिए फ्लिपकार्ट का 20 बिलियन डॉलर का आंकलन किया है। यह अमेजन के आंकलन से ज्यादा है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टस की मानें तो फ्लिपकार्ट के शेयरहोल्डर्स को वॉलमार्ट की डील ज्यादा फायदेमंद नजर आ रही है।

वॉलमार्ट को होगा फायदा?

वॉलमार्ट का कहना है कि फ्लिपकार्ट डील दुनिया में उसकी ओर से की गई सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील होगी। इस डील की मदद से वॉलमार्ट को भारत के ऑनलाइन बाजार में भी अपना विस्तार करने में मदद मिलेगी। हालांकि वॉलमार्ट को सॉफ्टबैंक की ओर से जरूर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि सॉफ्टबैंक चाहता है कि फ्लिपकार्ट और अमेजन का आपस में विलय हो।

Posted By: Praveen Dwivedi