लंदन, आइएएनएस। वेदांता लि. में केयर्न इंडिया लि. के विलय की प्रक्रिया मौजूदा वित्त वर्ष 2016-17 के अंत तक पूरी हो जाएगी। वेदांता ग्रुप के प्रमुख अनिल अग्रवाल का कहना है कि हमारी रणनीति ग्रुप का ऐसा स्ट्रक्चर तैयार करने की है जिसमें शेयरधारकों को बेहतरीन रिटर्न मिल सके।

अग्रवाल जो वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी के भी चेयरमैन हैं, ने यहां शेयरधारकों को बताया कि विलय के बाद समूह का स्ट्रक्चर काफी सीधा-सादा होगा। वेदांता ग्रुप माइनिंग और एनर्जी सेक्टर का दिग्गज खिलाड़ी है। वेदांता लि. में केयर्न इंडिया लि. के विलय की शर्ते और नियम पिछले महीने घोषित की गई थीं।सभी के लिए फायदे का सौदाअग्रवाल ने कहा कि यह विलय सभी शेयरधारकों के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।

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हम विलय की प्रक्रिया को इस वित्त वर्ष के दौरान पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह काम समय से पूरा हो जाएगा। वेदांता लि., केयर्न इंडिया लि. और वेदांता रिसोर्सेज पीएलसी ने 22 जुलाई को विलय की विस्तृत योजना की घोषणा की थी। हालांकि विलय की घोषणा पिछले साल 14 जून को की गई थी।नई कंपनी का स्ट्रक्चरविलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वेदांता लि. में वेदांता पीएलसी की हिस्सेदारी घटकर 50.1 फीसद रहने की संभावना है।

इस समय उसकी हिस्सेदारी 62.9 फीसद है। केयर्न इंडिया अल्पमत हिस्सेदार होगा और उसके पास 20.2 फीसद हिस्सेदारी होगी। इसी तरह वेदांता लि. के पास नई कंपनी में 29.7 फीसद हिस्सेदारी होगी।शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यूवेदांता लि. के सीईओ टॉम अल्बनीज ने कहा कि वेदांता लि. और केयर्न इंडिया का विलय रणनीतिक लिहाज से आवश्यक हो गया था। विलय के जरिये कंपनियों का कंसोलिडेशन होने से हमारे टियर-1 एसेट्स का पोर्टफोलिया ज्यादा आकर्षक होगा। समूह का स्ट्रक्चर ज्यादा सीधा-सादा होगा। दीर्घकाल में हम सभी शेयरधारकों को बेहतर वैल्यू देने के लिए अच्छी स्थिति में होंगे।

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Posted By: Sanjeev Tiwari

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