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अनिल अग्रवाल की वेदांता बनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी SEZ एक्सपोर्ट कंपनी, 60 देशों में बजा डंका! जेब में आए $3.5 अरब

Published: Tue, 22 Sep 2026 11:17 AM (IST)

वेदांता एल्युमीनियम वित्त वर्ष 2026 में लगभग 3.5 अरब डॉलर के निर्यात के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी SEZ सामान निर्यातक कंपनी बन गई है।

अनिल अग्रवाल की वेदांता बनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी SEZ एक्सपोर्ट कंपनी

अनिल अग्रवाल की वेदांता बनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी SEZ एक्सपोर्ट कंपनी

HighLights

  1. वेदांता एल्युमीनियम भारत की दूसरी सबसे बड़ी SEZ निर्यातक बनी।

  2. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने $3.5 अरब का निर्यात किया।

  3. झारसुगुड़ा SEZ से 60 से अधिक देशों में उत्पाद भेजे।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: दिग्गज मेटल कंपनी वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium) के निर्यात के मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) से माल का निर्यात करने वाली भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने लगभग 3.5 अरब डॉलर का भारी-भरकम निर्यात किया है।

60 देशों में बजा डंका

मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान, भारत के कुल SEZ माल निर्यात में अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की वेदांता एल्युमिनियम की हिस्सेदारी लगभग 6% रही। कंपनी का यह शानदार प्रदर्शन ओडिशा के झारसुगुड़ा (Jharsuguda) स्थित इसकी SEZ फैसिलिटी की बदौलत संभव हो पाया है। वेदांता ने भारत से दुनिया के 60 से अधिक देशों में अपने उत्पाद भेजे हैं। इसके प्रमुख बाजारों में यूरोप, अमेरिका (US), जापान और दक्षिण पूर्व एशिया (Southeast Asia) के देश शामिल हैं।

कंपनी से साफ की तस्वीर

वेदांता एल्युमीनियम ने सोमवार को कहा कि वह स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) से सामान निर्यात करने वाली भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है, जिसने FY26 में लगभग 3.5 अरब डॉलर का निर्यात किया। मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के दौरान, ओडिशा के झारसुगुडा में कंपनी की SEZ फैसिलिटी का भारत के कुल SEZ सामान निर्यात में लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा था। वेदांता एल्युमीनियम का निर्यात यूरोप, अमेरिका, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों सहित 60 से ज्यादा देशों में ग्राहकों तक पहुंचता है।

एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स से एक्सपोर्ट को बढ़ावा

कंपनी के एक्सपोर्ट बास्केट में प्राइमरी और वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जैसे कि बिलेट्स, वायर रॉड्स, रोल्ड प्रोडक्ट्स, प्राइमरी फाउंड्री अलॉय और इंगॉट्स, साथ ही इसकी लो-कार्बन 'रेस्टोरा' एल्युमीनियम रेंज भी। ये प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिकल, कंस्ट्रक्शन और पैकेजिंग जैसे सेक्टर की जरूरतों को पूरा करते हैं, साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एल्युमीनियम इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में भी इनका इस्तेमाल होता है।

इसके साथ ही कंपनी के बताए व्यापार के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और दिसंबर 2025 के बीच भारत के SEZ (स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन) से कुल मिलाकर लगभग 134.4 बिलियन डॉलर का सामान और सेवाएं एक्सपोर्ट की गईं। इसमें सेवाओं का हिस्सा लगभग 84.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 63 प्रतिशत था, जबकि सामान का एक्सपोर्ट लगभग 49.9 बिलियन डॉलर यानी करीब 37 प्रतिशत रहा। कंपनी ने कहा कि उसका यह एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस इसलिए बेहतर रहा है क्योंकि SEZ मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं के एक्सपोर्ट, दोनों के लिए ही एक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहे हैं।

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