अमेरिका ने फिर दिया झटका! भारत-चीन समेत 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ, क्या पड़ेगा असर?
अमेरिका ने जबरन मजदूरी की चिंताओं के चलते 60 व्यापारिक साझेदारों पर नए टैरिफ लगाए हैं, जो ट्रंप के पुराने ...और पढ़ें

अमेरिका का नया 'टैरिफ'! चीन पर गिरेगी गाज, जानें भारत को मिली कितनी राहत
HighLights
अमेरिका ने जबरन मजदूरी चिंताओं पर 60 साझेदारों पर नए टैरिफ लगाए।
ये शुल्क 10% से 12.5% होंगे, ट्रंप के पुराने शुल्कों की जगह।
चीन, भारत, यूरोपीय संघ जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार होंगे प्रभावित।
नई दिल्ली। अमेरिका ने गुरुवार को जबरदस्ती मजदूरी (forced labor) से जुड़ी चिंताओं के कारण 60 व्यापारिक साझेदारों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की। ये नए टैरिफ, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से इस साल की शुरुआत में लागू किए गए और अब खत्म हो रहे ग्लोबल ड्यूटी (वैश्विक शुल्क) की जगह लेंगे।
US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) की तरफ से घोषित ये नया टैरिफ शुक्रवार को ईस्टर्न टाइम के अनुसार रात 12:01 बजे से लागू होंगे। USTR की फैक्ट शीट के अनुसार, ये टैरिफ 10% से 12.5% के बीच होंगे और अमेरिका के कुल व्यापार का लगभग 99.4% हिस्सा इनके दायरे में आएगा। इन टैरिफ का असर चीन, भारत (What is the duty rate from India to the USA) और यूरोपीय संघ जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा, "अमेरिका में लगभग एक सदी से जबरदस्ती मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है, अब समय आ गया है कि हमारे व्यापारिक साझेदार भी ऐसा ही करें।"
उन्होंने आगे कहा कि जिन अर्थव्यवस्थाओं को निशाना बनाया गया है, वे अमेरिका के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा हैं।
फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के कई शुल्कों को रद्द किए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति की 'टैरिफ़ वॉल' (शुल्क की दीवार) को फिर से खड़ा करने के लिए तेज़ी से कदम उठाए हैं। कोर्ट के उस फैसले से अपनी मर्ज़ी से भारी शुल्क लगाने की उनकी क्षमता को झटका लगा था।
उस झटके के बाद, ट्रंप ने आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ फिर से लागू करने के लिए अलग-अलग अधिकारों का इस्तेमाल किया। लेकिन यह व्यवस्था केवल 150 दिनों के लिए थी और शुक्रवार को खत्म हो रही है।
अब नए टैरिफ की एक सीरीज उनकी जगह लेगी, जिनका प्रस्ताव शुरू में जून में दिया गया था। यह महीनों की जांच-पड़ताल के बाद तैयार किए गए थे और माना जाता है कि ये पहले के कदमों की तुलना में कानूनी चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं।
कनाडा, EU, भारत और UK पर 10% टैरिफ
हालिया घोषणा के तहत, जिन अर्थव्यवस्थाओं ने जबरदस्ती मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध लागू किया है या ऐसा करने का वादा किया है, उन पर कम यानी 10 प्रतिशत की दर लागू होगी। इनमें कनाडा, EU, भारत और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।
चीन पर 12.5% टैरिफ
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दर्जनों अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत का उच्च टैरिफ लागू करने का फैसला किया गया।लेकिन EU, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड को कुछ राहत मिलेगी, क्योंकि ये अमेरिका के साथ पहले किए गए व्यापार समझौतों के अनुरूप हैं।
इस बीच, जिन सामानों पर पहले से ही सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ (जैसे स्टील और एल्युमीनियम) लागू हैं, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों को बताया (AFP की रिपोर्ट के अनुसार) कि कुछ ऊर्जा उत्पादों और उर्वरकों को भी छूट दी जाएगी, साथ ही US-मेक्सिको-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते के तहत आने वाले सामानों को भी छूट मिलेगी।
