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₹2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज का नियम टला! 15 अक्टूबर नहीं, अब इस दिन से हो सकता है लागू?

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:53 PM (IST)

UPI MDR Charges: यूपीआई से 2000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर लगने वाले एमडीआर चार्ज को अब 15 अक्टूबर ...और पढ़ें

2000 से अधिक के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज का नियम अब 1 जनवरी 2027 से होगा लागू

2000 से अधिक के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज का नियम अब 1 जनवरी 2027 से होगा लागू

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| यूपीआई (UPI) से बड़े पेमेंट करने वाले ग्राहकों और मर्चेंट्स के लिए बड़ी खबर है। 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाला नया एमडीआर (UPI MDR Charges) चार्ज अब 15 अक्टूबर की जगह 1 जनवरी 2027 से लागू हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस नए नियम को लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने पर विचार चल रहा है। इसका मकसद दुकानदारों और पेमेंट इकोसिस्टम को तैयारी के लिए थोड़ा और समय देना है।

दरअसल, त्योहारी सीजन में लोग जमकर खरीदारी करते हैं और डिजिटल पेमेंट में भारी उछाल आता है। ऐसे में बीच में कोई नया नियम लागू करने से दिक्कत हो सकती है। हालांकि, सरकार की तरफ से पहले से घोषित MDR नियमों के ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

क्या है नया एमडीआर?

नए नियम के तहत, अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार (P2M) को 2,000 रुपए से ज्यादा का यूपीआई पेमेंट (UPI transaction charges above 2000) करता है, तो उस पर 0.4% का MDR चार्ज प्रस्तावित है।

अगर ट्रांजैक्शन 75,000 रुपए या उससे ज्यादा का है, तो यह चार्ज अधिकतम 300 रुपए ही लगेगा। राहत की बात यह है कि छोटे दुकानदारों और आम लोगों के बीच आपस में होने वाले पेमेंट (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह पहले की तरह जीरो MDR पर चलता रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा मामला

यह नया नियम ऐसे समय में लागू होना है, जब इसे लेकर कानूनी लड़ाई भी चल रही है। 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले की एक याचिका पर केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI को नोटिस जरूर जारी किया है।

कंपनियों के बीच कमीशन को लेकर बातचीत जारी

इस बीच, पेमेंट एग्रीगेटर और उनके स्पॉन्सर बैंकों के बीच MDR के कमीशन को बांटने पर चर्चा चल रही है। पेमेंट एग्रीगेटर चाहते हैं कि बैंकों के हिस्से वाले MDR का 50 से 80 फीसदी हिस्सा उन्हें दिया जाए। नियम लागू होने से पहले यह बातचीत अभी जारी है।

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। उनका मानना है कि नए MDR नियमों का कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा,

MDR पर फैसला लिया जा चुका है। फिलहाल हमें ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई कमी नहीं दिख रही है। मुझे निजी तौर पर नहीं लगता कि इतने छोटे से चार्ज का सिस्टम पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ेगा।"

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