सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UPI MDR Charges Explainer: किराने की दुकान, पेट्रोल पंप और इंश्योरेंस से स्कूल की फीस तक, कहां कितना देना होगा एमडीआर?

Published: Tue, 15 Sep 2026 10:15 PM (IST)

UPI MDR Charges: NPCI ने UPI MDR शुल्क के नए नियमों पर 42 सवालों के जवाब जारी किए हैं, जो ...और पढ़ें

UPI MDR शुल्क: 42 सवालों में जानें पेट्रोल पंप, बीमा और स्कूल फीस पर असर

UPI MDR शुल्क: 42 सवालों में जानें पेट्रोल पंप, बीमा और स्कूल फीस पर असर

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| क्या आप रोज चाय की दुकान पर, किराने का सामान या फिर ऑनलाइन शॉपिंग का पेमेंट UPI से करते हैं? अगर हां, तो क्या अब आपको ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर कोई चार्ज देना होगा? और अगर आप दुकानदार हैं, तो आपके खाते में आने वाले UPI पेमेंट में से कितना पैसा कटेगा? बाइक-कार में पेट्रोल-डीजल भरवाने से लेकर, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस भरने पर आपको ₹3000, ₹50000 से लेकर ₹1 लाख तक के पेमेंट पर कितना एमडीआर भरना होगा? NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया आपके मन में उठ रहे सवालों को जवाबों की पूरी लिस्ट जारी की है। आइए, 42 सवालों में समझते हैं वो सब कुछ जो आपके लिए जानना बहुत जरूरी है।

सवाल 1: UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR अभी क्यों लाया जा रहा है?

जवाब: UPI पर हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। यह स्वदेशी सिस्टम है और इस पर MDR क्रेडिट और डेबिट कार्ड के मुकाबले बहुत कम रखा गया है। MDR से मिलने वाला पैसा UPI के इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन को मजबूत करने में लगेगा। यह चार्ज सिर्फ ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर है, ताकि UPI किफायती बना रहे।

सवाल 2: क्या छोटे पेमेंट्स पर कोई असर पड़ेगा?

जवाब: बिल्कुल नहीं। ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पूरी तरह से फ्री हैं। मजे की बात ये है कि UPI के कुल ट्रांजैक्शन में 95% हिस्सेदारी इन्हीं छोटे पेमेंट्स की होती है।

सवाल 3: मर्चेंट्स पर कितना MDR लगेगा?

जवाब: मर्चेंट्स को ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट (P2M) पर 0.4% का MDR देना होगा। बड़ी राहत यह है कि ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर यह चार्ज ₹300 पर फिक्स (कैप) रहेगा।

सवाल 4: डेबिट-क्रेडिट कार्ड के MDR के मुकाबले UPI कितना सस्ता है?

जवाब: बहुत सस्ता। क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर 1.5% से 2.5% और डेबिट कार्ड पर 0.90% तक MDR लगता है। इसके मुकाबले UPI पर 0.4% का बेस रेट और बड़े अमाउंट पर अधिकतम ₹300 का कैप इसे डिजिटल पेमेंट का सबसे सस्ता विकल्प बनाता है।

सवाल 5: UPI पर MDR के ये नए नियम कब से लागू हो रहे हैं?

जवाब: MDR का यह नया ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इससे बैंकों, ऐप्स और मर्चेंट्स को अपना सिस्टम अपडेट करने का पूरा वक्त मिलेगा।

सवाल 6: विदेशी पेमेंट सिस्टम के मुकाबले भारत का ये सिस्टम कैसा है?

जवाब: दुनियाभर में पेमेंट सिस्टम को चलाने के लिए फीस ली जाती है। भारत का मॉडल इस मामले में अलग है कि यह सबकी पहुंच और बड़े स्केल को प्राथमिकता देता है, इसलिए चार्ज बहुत नाममात्र के हैं।

सवाल 7: ये MDR की लिमिट और नियम कौन तय करता है?

जवाब: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नेतृत्व वाली UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी इन नियमों को तय करती है।

यह भी पढ़ें- UPI MDR Charge on Bijli Bill: बिजली का बिल UPI से भरने पर कितना लगेगा MDR चार्ज? सरकार ने खुद बता दिया

सवाल 8: छोटे व्यापारियों के लिए कौन सा खास फंड बन रहा है?

जवाब: MDR के पैसे से टियर-3 से लेकर टियर-6 शहरों, उत्तर-पूर्वी राज्यों, J&K और लद्दाख के छोटे व्यापारियों के लिए एक खास फंड बनेगा। इसमें पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं को भी जोड़ा जाएगा ताकि व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट के लिए इंसेंटिव दिया जा सके।

सवाल 9: इस फंड से छोटे व्यापारियों को क्या फायदा होगा?

जवाब: इससे बैंकों और ऐप्स को छोटे व्यापारियों को UPI से जोड़ने में मदद मिलेगी। खास तौर पर ग्रामीण और छोटे शहरों के व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट अपनाने पर इंसेंटिव मिलेगा। 3 महीने में RBI के साथ इसका ब्लूप्रिंट तैयार हो जाएगा।

सवाल 10: हम सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर क्यों नहीं रह सकते?

जवाब: सरकारी सब्सिडी शुरुआत के लिए अच्छी थी। आज UPI को चलाने (सर्वर, साइबर सुरक्षा, बैंक सपोर्ट) में सालाना करीब ₹20,000 करोड़ का खर्च आता है। इसे सिर्फ बजट के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, इसके लिए एक परमानेंट कमर्शियल मॉडल जरूरी था।

सवाल 11: इससे पेमेंट ऐप्स के बीच कॉम्पिटिशन कैसे बढ़ेगा?

जवाब: जब बाजार में कमाई का एक सस्टेनेबल मॉडल होगा, तो छोटे स्टार्टअप्स भी मार्केट में आएंगे। बिना फीस के मॉडल में सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नुकसान सह पाती हैं। नया मॉडल सबको बराबर मौका देगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर ऐप्स और सर्विस मिलेंगी।

सवाल 12: साइबर सुरक्षा कैसे मजबूत होगी?

जवाब: MDR से जो पैसा आएगा, उसका इस्तेमाल AI-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन, तगड़ी एन्क्रिप्शन तकनीक और साइबर सिक्योरिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में होगा।

सवाल 13: 2026 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI कहां तक पहुंचा है?

जवाब: 2026 तक UPI 11 देशों में लाइव हो चुका है। घरेलू स्तर पर खुद को मजबूत करके भारत ग्लोबल डिजिटल फाइनेंस का लीडर बन रहा है।

सवाल 14: UPI का स्केल क्या है और आत्मनिर्भर होना क्यों जरूरी है?

जवाब: सिर्फ अगस्त 2026 में UPI से 2,451 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए जिनकी वैल्यू ₹29.9 लाख करोड़ थी। इतने भारी भरकम सर्वर और सिस्टम को बिना रुके चलाने के लिए भारी खर्च आता है, इसलिए इसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी हो गया था।

सवाल 15: क्या अब आम आदमी को UPI से पेमेंट करने पर पैसे देने होंगे?

जवाब: बिल्कुल नहीं। आम लोगों के लिए UPI पूरी तरह से फ्री है। आप बिना किसी चार्ज की चिंता किए अपना रोजमर्रा का पेमेंट कर सकते हैं।

सवाल 16: दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने (P2P) पर कोई चार्ज लगेगा?

जवाब: नहीं, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने या मंगाने पर कोई चार्ज नहीं है। चाहे आप अपने ही एक खाते से दूसरे खाते में पैसे भेजें, सब कुछ 100% फ्री है।

सवाल 17: क्या PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे ऐप्स प्लेटफॉर्म फीस वसूलेंगे?

जवाब: नहीं, नियमों के मुताबिक कोई भी UPI ऐप पेमेंट करने के लिए ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस या कोई अन्य चार्ज नहीं ले सकता।

सवाल 18: क्या दुकानदार MDR का पैसा ग्राहकों से वसूल कर सामान महंगा कर देंगे?

जवाब: ऐसा नहीं होगा। इतिहास गवाह है कि दुकानदार डिजिटल पेमेंट के छोटे खर्च को खुद उठाते हैं क्योंकि इससे उनके पास ज्यादा ग्राहक आते हैं और कैश संभालने का झंझट खत्म होता है। वैसे भी क्रेडिट कार्ड की तुलना में यह चार्ज बहुत कम है और छोटे पेमेंट्स पर तो है ही नहीं। ग्राहक वही पैसा देंगे जो सामान की कीमत है।

सवाल 19: लोकल चाय वाले या सब्जी वाले का QR स्कैन करने पर मुझे फीस देनी होगी?

जवाब: कतई नहीं। गली-नुक्कड़ या किसी भी दुकान पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करने पर ग्राहक की जेब से कोई फीस नहीं कटेगी।

सवाल 20: क्या महीने भर में फ्री UPI ट्रांजैक्शन की कोई लिमिट है?

जवाब: उपभोक्ताओं के लिए फ्री पेमेंट की कोई मंथली लिमिट या कोटा नहीं है। बस बैंकों की रोजाना की सिक्योरिटी लिमिट (जैसे 1 लाख या 5 लाख) लागू रहती है, लेकिन उन पर भी कोई फीस नहीं लगती।

सवाल 21: चार्ज से जुड़ी सही जानकारी आम लोग कहां चेक करें?

जवाब: सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें। सिर्फ वित्त मंत्रालय, RBI या NPCI के ऑफिशियल अपडेट्स पर भरोसा करें।

सवाल 22: बिजली का बिल या OTT का जो ऑटो-डेबिट होता है, क्या उस पर MDR कटेगा?

जवाब: नहीं, UPI मैंडेट या AutoPay (जैसे हर महीने कटने वाले बिल, OTT, या म्यूचुअल फंड) पर कोई MDR चार्ज नहीं लगाया गया है।

सवाल 23: क्या मोहल्ले के छोटे दुकानदारों (P2PM) को MDR देना होगा?

जवाब: नहीं। ऐसे छोटे दुकानदार जो महीने का ₹1 लाख तक UPI से लेते हैं, उन पर कोई MDR नहीं लगेगा। उनके लिए यह पूरी तरह जीरो (0%) है।

सवाल 24: यह P2PM फ्रेमवर्क क्या है जिससे दुकानदारों को फायदा हो रहा है?

जवाब: P2PM (Person-to-Person-Merchant) छोटे वेंडर्स के लिए एक खास कैटेगरी है। अगर आप महीने में ₹1 लाख तक का पेमेंट सीधे अपने पर्सनल खाते में लेते हैं, तो आपके लिए जीरो-MDR लागू रहता है। यह रेहड़ी-पटरी वालों को बचाने के लिए है।

सवाल 25: क्या छोटे दुकानदारों को अपना पुराना QR कोड या साउंडबॉक्स बदलना पड़ेगा?

जवाब: नहीं, पुराने QR कोड और साउंडबॉक्स वैसे ही काम करते रहेंगे। दुकानदारों को बैंक जाने या नया सेटअप लेने की कोई जरूरत नहीं है।

सवाल 26: अगर किसी छोटे दुकानदार (P2PM) के पास ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट आ जाए तो क्या होगा?

जवाब: अगर दुकानदार P2PM (छोटा मर्चेंट) कैटेगरी में है, तो उस पर ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर भी चार्ज नहीं लगेगा। MDR तभी लगता है जब अकाउंट बड़े मर्चेंट (P2M) कैटेगरी का हो।

सवाल 27: छोटे मर्चेंट फंड के नियम कब तक आएंगे?

जवाब: अगले तीन महीनों में RBI के साथ मिलकर इसके ऑपरेशनल नियम तय कर लिए जाएंगे, जिससे यह तय होगा कि व्यापारियों को इंसेटिव कैसे बंटेगा।

सवाल 28: क्या जीरो MDR का फायदा लेने के लिए GST नंबर होना जरूरी है?

जवाब: बिल्कुल नहीं। जीरो MDR का फायदा महीने के कलेक्शन (1 लाख रुपये तक) के आधार पर मिलता है। इसके लिए GST रजिस्ट्रेशन की कोई जरूरत नहीं है।

सवाल 29: बैंकों को कैसे पता चलेगा कि कौन छोटा मर्चेंट (P2PM) है?

जवाब: बैंक सिस्टम के जरिए नजर रखते हैं। अगर कोई दुकानदार लगातार 3 महीने तक हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा का पेमेंट लेता है, तो उसे खुद-ब-खुद बड़े मर्चेंट (P2M) कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।

सवाल 30: क्या गांवों में QR पेमेंट पर जीरो MDR लागू है?

जवाब: हां, बिल्कुल। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के छोटे दुकानदारों पर कोई चार्ज नहीं है। उल्टे सरकार का फोकस है कि वहां ज्यादा से ज्यादा QR लगाए जाएं, जिसके लिए बैंकों को इंसेंटिव भी मिलेगा।

सवाल 31: बड़े कमर्शियल पेमेंट्स पर MDR का रेट क्या है?

जवाब: बड़े व्यापारियों के लिए ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर 0.4% MDR रखा गया है। यह क्रेडिट कार्ड के मुकाबले बहुत सस्ता है। ₹2,000 से नीचे के पेमेंट इनके लिए भी फ्री हैं।

सवाल 32: क्या बड़े पेमेंट्स पर MDR की कोई मैक्सिमम लिमिट (Cap) है?

जवाब: हां, बड़े व्यापारियों को भारी भरकम फीस से बचाने के लिए एक लिमिट तय है। ₹75,000 या उससे बड़े किसी भी पेमेंट पर MDR अधिकतम ₹300 ही लगेगा।

सवाल 33: किन खास सेक्टर्स के लिए परसेंटेज के बजाय फ्लैट फीस तय हुई है?

जवाब: रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और पेट्रोल पंप जैसे सेक्टर्स के लिए ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट्स पर कोई परसेंटेज चार्ज नहीं है, बल्कि सिर्फ ₹5 का फ्लैट MDR लगेगा।

सवाल 34: क्या बड़े व्यापारी यह MDR का पैसा ग्राहकों से ले सकते हैं?

जवाब: नहीं, व्यापारी MDR का पैसा ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। ग्राहक सिर्फ वही कीमत चुकाएंगे जो सामान की असल कीमत है।

सवाल 35: MDR का कैलकुलेशन कैसे होगा? 

जवाब: कैलकुलेशन बिल्कुल साफ है- 

  • ₹2,000 के पेमेंट पर: ₹0
  • ₹3,000 के पेमेंट पर (0.4%): ₹12
  • ₹50,000 के पेमेंट पर (0.4%): ₹200
  • ₹75,000 या 1 लाख के पेमेंट पर: फ्लैट ₹300 (क्योंकि यहां कैप लग गया है)।

सवाल 36: क्या UPI से जुड़े क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन पर भी यही MDR लगेगा?

जवाब: नहीं, RuPay क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन वाले पेमेंट्स के लिए अलग नियम हैं (क्रेडिट कार्ड की गाइडलाइंस के हिसाब से)। यह नया MDR सिर्फ बैंक अकाउंट से मर्चेंट के बैंक अकाउंट वाले नॉर्मल UPI पेमेंट्स पर है।

सवाल 37: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के ट्रांजैक्शन पर MDR का क्या रेट है?

जवाब: कैपिटल मार्केट्स के पेमेंट्स के लिए रेट बहुत कम, सिर्फ 0.02% रखा गया है, जिसकी अधिकतम लिमिट ₹300 तय की गई है। ऐसा इसलिए ताकि लोग आराम से इन्वेस्ट कर सकें।

सवाल 38: इस नियम में कौन-कौन सी कंपनियां आती हैं?

जवाब: इसमें म्यूचुअल फंड (AMC), SEBI रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर्स, सिक्योरिटीज डीलर्स और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

सवाल 39: क्या इंश्योरेंस का प्रीमियम भरने पर कुछ राहत है?

जवाब: हां, अगर आपका इंश्योरेंस प्रीमियम ₹2,000 से ज्यादा है, तो मर्चेंट पर कोई परसेंटेज चार्ज नहीं लगेगा, बल्कि सिर्फ ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा। इससे कंपनियों का खर्चा बचता है।

सवाल 40: पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट करने पर क्या नियम है?

जवाब: ₹2,000 तक पेट्रोल भरवाने पर कोई MDR नहीं है। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर भी पेट्रोल पंप मालिकों को सिर्फ ₹5 का फ्लैट चार्ज देना होगा, ताकि उनका मार्जिन न घटे। आम आदमी को तो किसी भी सूरत में कुछ नहीं देना।

सवाल 41: सरकारी बिजली या पानी के बिल पर चार्ज का क्या नियम है?

जवाब: बिजली, पानी या गैस के बिल अगर ₹2,000 से ज्यादा हैं, तो संबंधित विभाग को सिर्फ ₹5 का फ्लैट चार्ज देना होगा। ₹2,000 से कम के बिल पूरी तरह फ्री हैं।

सवाल 42: स्कूल या कॉलेज की फीस भरने पर MDR का क्या नियम है?

जवाब: एजुकेशन फीस (ट्यूशन, टर्म फीस या एग्जाम फीस) अगर ₹2,000 तक है, तो यह बिल्कुल फ्री है। ₹2,000 से ऊपर की फीस पर भारी भरकम परसेंटेज के बजाय सिर्फ एक तय फ्लैट फीस लगेगी, जिससे स्कूल/कॉलेजों पर बोझ नहीं पड़ेगा।

यह भी पढ़ें- पेट्रोल पंपों पर ₹2000 से अधिक की UPI Payment पर MDR लागू! आम लोगों को महंगा मिलेगा फ्यूल?

SOURCE- NPCI