नई दिल्ली, एजेंसी। बाजार नियामक सेबी (Sebi) ने वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान 28 दिग्गज कंपनियों को आइपीओ (IPO) लाने की मंजूरी दी है। इन आइपीओ के जरिये करीब 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में अब तक 11 कंपनियां आइपीओ के जरिये 33,254 करोड़ रुपये जुटा चुकी हैं। इसमें एक बड़ा हिस्सा करीब 20,557 करोड़ रुपये एलआइसी के आइपीओ का था। ये सभी इश्यू अप्रैल और मई में खुले थे। जून महीने में एक भी आइपीओ नहीं आया। पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में 52 कंपनियों ने आइपीओ के जरिये 1.11 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे।

जिन कंपनियों को आइपीओ (IPO) लाने की मंजूरी मिली है, उसमें लाइफस्टाइल रिटेल ब्रांड फैबइंडिया, फाक्सकान टेक्नोलाजी समूह और एफआइएच मोबाइल्स की सहायक कंपनी भारत एफआइएच, टीवीएस सप्लाई चेन साल्यूशंस, ब्लैकस्टोन समर्थित आधार हाउसिंग फाइनेंस और मैकलियोड्स फार्मा एंड किड्स क्लिनिक इंडिया शामिल हैं। जून-जुलाई में 15 कंपनियों ने ड्राफ्ट पेपर फाइल किए हैं, जिसमें सुला विनेयार्ड्स, अलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक और साई सिल्क कालामंदिर शामिल हैं।

मर्चेंट बैंकरों (Merchant Bankers) के मुताबिक जिन कंपनियों को आइपीओ लाने की मंजूरी मिली है, उन्होंने अभी तक इसे लाने की तारीख घोषित नहीं की है। आनंद राठी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के डायरेक्टर और इक्विटी पूंजी बाजार के प्रमुख प्रशांत राव के मुताबिक बाजार की मौजूदा स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, जिसके चलते मंजूरी मिलने के बाद भी कंपनियां इश्यू लाने के लिए सही समय का इंतजार कर रही हैं। मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अभिजीत तारे के मुताबिक बाजार में रिकवरी दिख रही है और मार्केट सेंटिमेंट भी बेहतर हो रहा है। ऐसे में अगले दो से तीन महीने में कुछ आइपीओ (IPO) मार्केट में आ सकते हैं।

Edited By: Manish Mishra