नई दिल्ली, पीटीआइ। ब्रिटेन की एक अदालत ने शुक्रवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को एक मुकदमे में जमा राशि के रूप में छह सप्ताह के भीतर 100 मिलियन डॉलर जमा करने का आदेश दिया। दरअसल, तीन चीनी बैंक डिफ़ॉल्ट कर्ज के तौर पर सैकड़ों मिलियन डॉलर की मांग कर रहे हैं। बता दें कि अंबानी के वकीलों ने पहले कहा था कि उनके पास जमा राशि का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं है।

अनिल अंबानी के वकील ने ब्रिटेन की अदालत से कहा है कि अनिल अंबानी कभी अमीर थे, लेकिन अब नहीं हैं। चीन के एक अग्रणी बैंक द्वारा 68 करोड़ डॉलर (करीब 4.7 हजार करोड़ रुपये) के दावे पर सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि भारत के टेलीकॉम मार्केट में उथल-पुथल के चलते अनिल अंबानी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

फरवरी, 2012 के 92.50 करोड़ डॉलर लोन पर गारंटी को लेकर इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड ने खुद, चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्जिम बैंक ऑफ चाइना की ओर से अनिल अंबानी पर मुकदमा किया है। हालांकि अंबानी ने ऐसी किसी गारंटी को वैधता देने से इन्कार किया है। इस समय अनिल अंबानी के कानूनी सलाहकार उनकी नेटवर्थ शून्य साबित करने में लगे हुए हैं। अंबानी के वकील राबर्ट हॉव ने अदालत से कहा कि अब अंबानी की नेटवर्थ शून्य है

पिछले वर्ष लंदन के हाई कोर्ट के कॉमर्शियल डिवीजन ने अनिल अंबानी के खिलाफ सर्शत फैसला सुनाया था। इस समय अनिल अंबानी के कानूनी सलाहकार उनकी नेटवर्थ शून्य साबित करने में लगे हुए हैं।अंबानी के वकील राबर्ट हॉव ने अदालत से कहा कि वर्ष 2012 में उनका निवेश 700 करोड़ डॉलर था। यह अब घटकर 8.9 करोड़ डॉलर रह गया है।

Posted By: Nitesh

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