नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अमेरिका में स्टील के आयात पर शुल्क बढ़ाने के निर्णय पर भारतीय स्टील उद्योग ने गहरी चिंता जताई है। इंडियन स्टील एसोसिएशन का कहना है कि इससे अतिरिक्त स्टील उत्पादन करने वाले देश अपना माल खपाने को भारत की ओर रुख करेंगे। जिससे स्थानीय बाजार पर दबाव बनेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस फैसले पर गुरूवार को हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस फैसले के बाद अमेरिका स्टील के आयात पर 25 फीसद व एल्यूमीनियम पर 10 फीसद टैक्स लगाएगा। हालांकि इस फैसले से मैक्सिको और कनाडा जैसे मुख्य साझेदार देशों को बाहर रखा गया है।

इंडियन स्टील एसोसिएशन के महासचिव भास्कर चटर्जी ने कहा कि अमेरिका में टैक्स लगने से उत्पादक देश भारत जैसे ज्यादा खपत वाले देशों की ओर निर्यात बढ़ाएंगे। आयातित स्टील की सप्लाई बढ़ने से घरेलू बाजार पर असर पड़ने तय है। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे स्टील सरप्लस देशों के साथ जोड़ना उचित नहीं है। यहां उत्पादन ज्यादा है तो खपत भी काफी अच्छी है। भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन को छोड़कर बाकी विश्व के उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 12 फीसद है। हमारे यहां से अमेरिका को सिर्फ 2.7 फीसद निर्यात किया जाता है।

प्रशासनिक आदेश पर किए हस्ताक्षर 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील व एल्यूमीनियम पर ड्यूटी लगाने के लिए प्रशासनिक आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि उसके प्रमुख कारोबारी साझेदार देशों ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। व्हाइट हाउस के व्यापारिक सलाहकार पीटर नैवेरो ने बताया कि राष्ट्रपति आदेश पर कभी हस्ताक्षर कर सकते हैं। शुल्क 15 से 30 दिनों के भीतर प्रभावी हो सकता है। अमेरिका के 100 से ज्यादा रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप से इस प्रस्ताव को वापस लेने और अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने पर ध्यान देने की अपील की थी।

चीन भी ट्रेड वार के लिए पूरी तरह तैयार

चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह ट्रेड वार शुरू करता है तो हर किसी को नुकसान होगा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कड़ा संकेत देते हुए कहा कि अगर अमेरिका प्रस्ताव पर आगे बढ़ता है तो चीन भी समुचित कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में चीन भी ट्रेड वार के लिए तैयार है।

Posted By: Shubham Shankdhar

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