नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। छोटी बचत योजनाओं में पीपीएफ एक शानदार विकल्प है। निवेश के लिहाज से भी पीपीएफ को एक बेहतर विकल्प माना जाता है। पीपीएफ आपको टैक्स छूट का फायदा दिलाने के साथ ही कई अन्य फायदे भी देता है। हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको पीपीएफ से जुड़ी पांच ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिसे आमतौर पर लोग कम ही जानते हैं।

क्या है योग्यता?

आप किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं। आप पीपीएफ खाता अपने या फिर किसी नाबालिग के नाम पर खुलवा सकते हैं। लेकिन नियमों के मुताबिक, एक हिंदू अविभाजित परिवार(HUF) के नाम पर एक पीपीएफ खाता खोला नहीं जा सकता है।

खाता खुलवाने के लिए क्या जरूरी: पीपीएफ में अकाउंट खोलने के लिए आपको केवल पासपोर्ट साइज के 2 फोटोग्राफ और आइडी प्रूफ (पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड) की जरूरत होती है। आजकल कुछ निजी बैंकों में भी पीपीएफ की सुविधा उपलब्ध है। जिस बैंक में पहले से ही आपका सेविंग अकाउंट हो, वहीं पीपीएफ खोलना ज्यादा सुविधाजनक होगा।

कितना कर सकते हैं निवेश: आप न्यूनतम 100 रुपये का निवेश कर अपना पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं। हालांकि इस खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान आपको 500 रुपये जमा कराने होते हैं। वहीं इस खाते में अधिकतम निवेश की सीमा 150,000 रुपये प्रति वर्ष तय की गई है। इसे आप मासिक आधार पर या फिर एकमुश्त जमा करा सकते हैं।

मैच्योरिटी: एक पीपीएफ खाते का मैच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष का होता है,हालांकि इसके मैच्योर होने के एक वर्ष पहले इसे बढ़वाया जा सकता है। यह अवधि 5 वर्ष हो सकती है। इस खाते में आपको नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है।

पीपीएफ खाते को करा सकते हैं ट्रांसफर: आप अगर चाहें तो आप अपने पीपीएफ खाते को एक बैंक से दूसरे बैंक या एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी करा सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है।

पीपीएफ पर मिलती है निकासी की सुविधा: आप अपना PPF अकाउंट खोलने के बाद सातवें वर्ष में उससे कुछ रकम की निकासी कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने वित्त वर्ष 2014-15 में अपना खाता खोला है तो आप अप्रैल 2010 से रकम की निकासी कर सकते हैं। निकासी निम्न आधार पर होती है।

पीपीएफ में निवेश पर नहीं लगता है टैक्स: जानकारी के लिए बता दें कि PPF का निवेश EEE यानी एक्सजेम्प्ट-एक्सजेम्प्ट-एक्सजेम्प्ट कैटेगरी में टैक्स फ्री होता है। यानी निवेश की गई रकम कर मुक्त आय की श्रेणी में जाएगी। मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री होगा और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री होगी।

पीपीएफ पर आप पा सकते हैं लोन: एक पीपीएफ अकाउंट होल्डर खाता खोले जाने वाले वित्त वर्ष के बाद के तीसरे वित्त वर्ष के दौरान लोन सुविधा का फायदा उठा सकता है। PPF खाताधारक दो साल पहले के अकाउंट बैलेंस का 25 फीसदी अमाउंट तक का लोन ले सकता है। इस लोन पर PPF पर मौजूदा ब्याज दर से 2 फीसदी अतिरिक्त ब्याज लगाया जाता है। वहीं यह लोन अगले 36 महीनों के भीतर चुकाना होता है।

मिलता है कितना ब्याज: बैंक के सेविंग अकाउंट की तुलना में पीपीएफ खाते पर मिलने वाला ब्याज बेहतर होता है। पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की गणना तिमाही आधार पर की जाती है। पीपीएफ पर वर्तमान में ब्याज दर 7.6 फीसद की है। यह नई दर 1 जनवरी 2018 से प्रभावी है।

मैच्योरिटी से पहले बंद करवा सकते हैं खाता: आप अपने पीपीएफ खातों को मैच्योरिटी से पहले भी बंद करवा सकते हैं। वैसे तो सामान्य मामलों में 15 साल से पहले एक पीपीएफ खाते का समयपूर्व बंद होने की अनुमति नहीं है, हालांकि, कुछ स्थियों में आप ऐसा कर सकते हैं जैसे कि गंभीर बीमारी, बच्चे की पढ़ाई आदि। इसमें ब्याज का भुगतान करते समय 1 फीसदी की पेनल्टी लगाई जाती है।

By Praveen Dwivedi