नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फरवरी, 2019 से अब तक रेपो रेट में 2.50 की कटौती कर चुका है। इस वजह से बैंकों के कर्ज सस्ते हुए हैं। हालांकि, साथ ही साथ बैंकों ने फिक्स्ड डिपोजिट (FDs) की ब्याज दरों में कमी की है। इससे Fixed Deposit स्कीम्स में निवेश करने वाले निवेशकों को झटका लगा है। फिक्स्ड डिपोजिट एक तरह का लिक्विड एसेट होता है। इसका मतलब है कि इस फंड में निवेश करने पर आपको सेविंग अकाउंट से ज्यादा ब्याज मिलता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर आसानी से इस फंड का इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। अगर आप एक साल के फिक्स्ड डिपोजिट के बारे में सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि अब भी कई ऐसे बैंक हैं जो इस अवधि की एफडी पर 6 फीसद से 7.25 तक का ब्याज दे रहे हैं। 

बैंक ब्याज दर
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 7.25%
आरबीएल बैंक 7.20%
इंडसइंड बैंक 7.00%
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.95%
डीसीबी बैंक 6.75%
यस बैंक 6.75%
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.50%
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 6.30%
बंधन बैंक 6.25%
आईडीबीआई बैंक 5.70%

(स्रोतः बैंक बाजार)

वहीं, अगर आप सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंकों और प्राइवेट सेक्टर बैंकों द्वारा इसी अवधि की एफडी पर दिए जाने वाले ब्याज की तुलना करेंगे तो आप पाएंगे कि एचडीएफसी बैंक एक साल की एफडी पर 5.25 फीसद की दर से ब्याज देता है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक एक साल की एफडी पर 5.15 फीसद की दर से ब्याज देता है। कोटक महिंद्रा एक साल की एफडी पर 4.75 फीसद की दर से ब्याज की पेशकश कर रहा है।

भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा एक साल की एफडी पर 5.10 फीसद की दर से ब्याज देते हैं। 

कितना सुरक्षित है स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश

छोटे बैंक निवेशकों से फंड आकर्षित करने के लिए आम तौर पर ऊंचा ब्याज देते हैं। अब अगर आप बात करते हैं कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश कितना सुरक्षित है तो हम आपको बता दें कि आरबीआई बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि को वापस लौटाने की गारंटी देता है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी बैंक में पांच लाख रुपये तक जमा करते हैं तो आपका यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित है।

Posted By: Ankit Kumar

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