नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को विदेशी निवेशकों के लिए ‘स्थायी आवासीय योजना’ पर कहा,’यह विस्तृत पॉलिसी है जिसपर कैबिनेट ने मुहर लगायी है।‘ उनके अनुसार, कैबिनेट ने शत्रु संपत्ति विधेयक पर अध्यादेश पर भी स्वीकृति दे दी है।

इससे पहले वित्तमंत्री ने बताया था कि वैश्विक अस्थिरता के मौजूदा दौर में भारत के लिए दोहरे अंकों में विकास दर हासिल करना कठिन होगा।

केंद्र ने शत्रु संपत्ति से संबंधित लगभग 50 साल पुराने कानून में संशोधन से संबंधित अध्यादेश को चौथी बार लागू किया है। संशोधन विभिन्न युद्धों के बाद पाकिस्तान और चीन जा चुके लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्ति के उत्तराधिकार या हस्तांतरण के दावों से संबंधित है ।

‘शत्रु संपत्ति’ का मतलब किसी भी ऐसी संपत्ति से है जो किसी शत्रु, शत्रु व्यक्ति या शत्रु फर्म से संबंधित, उसकी तरफ से संघटित या प्रबंधित हो ।

सरकार ने इन संपत्तियों को भारत के लिए शत्रु संपत्ति संरक्षक के अधिकारक्षेत्र में दे दिया है । शत्रु संपत्ति सरंक्षक एक ऐसा कार्यालय है जिसकी स्थापना केंद्र सरकार के अधीन हुई। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद 1968 में शत्रु संपत्ति कानून लागू किया गया था जो इस तरह की संपत्तियों को नियमित करता है और संरक्षक की शक्तियों को सूचीबद्ध करता है ।

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Posted By: Monika minal

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