नई दिल्ली। टेलिकॉम सेक्टर में छंटनी की आशंका के बीच प्लेसमेंट फर्मों का कहना है कि एक वर्ष में स्थिति और खराब हो सकती है। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपने वायरलेस बिजनस के बड़े हिस्से को बंद करने की घोषणा की है।

टाटा ग्रुप अपना मोबाइल बिजनेस भारती एयरटेल को बेच रहा है। टेलिकॉम सेक्टर में बड़े बदलावों के चलते अगले एक साल में करीब 30 हजार नौकरियां घट सकती हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा नौकरियों के जाने का खतरा डेटा एंट्री, टेलिकॉलिंग, ग्राउंड-फ्लीट सेल्स जैसे सेगमेंट में है।

इसके अलावा टेक्निकल जॉब्स और टेलिकॉम इंजीनियरिंग से जुड़े सेगमेंट में काफी छंटनी होगी। इस तरह की जॉब्स में आमतौर पर शुरुआती मासिक सैलरी 40,000 रुपए होती है। रिक्रूटमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इंजीनियरिंग, सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन, टेलिकॉम इंजीनियरिंग, ह्यूमन रिसोर्स और फाइनेंस, कॉल सेंटर और सपोर्ट फंक्शंस से जुड़े प्रोफाइल्स के लिए मुश्किल होगी।

टीमलीज सर्विसेज की को-फाउंडर रितोपर्णो चक्रवर्ती ने कहा कि अभी टेलिकॉम सेक्टर पर करीब आठ लाख करोड़ रुपए का भारी कर्ज है। रिलायंस जियो के सस्ते टैरिफ के कारण इस सेक्टर में बिजनेस पर काफी दबाव है।

वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले एक वर्ष में टेलिकॉम इंडस्ट्री से निकलने वाले कर्मचारियों के लिए अन्य सेक्टर्स में रोजगार के मौके हैं। मगर, उन्हें अपनी स्किल्स को बढ़ाना होगा। इसके साथ ही उन्हें यूजर एक्सपीरियंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी सीखना होगा।

Posted By: Surbhi Jain

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