नई दिल्ली: साइरस मिस्त्री को टाटा संस के निदेशक पद से हटाए जाने के लिए 6 फरवरी को बुलाई गई शेयरधारकों की बैठक से पहले टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ने कहा कि मिस्त्री के परिवार को निदेशक को नॉमिनेट करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि एसोसिएशन के ऑर्टिकल इसकी अनुमति नहीं देते हैं।

टाटा संस से बाहर किए जाने के फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की पारिवारिक फर्म की याचिका का पैरा-दर पैरा जवाब देते हुए नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली 103 बिलियन डॉलर की ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने कहा कि पलोनजी शापोरजी मिस्त्री शापोरजी मिस्त्री परिवार के पहले सदस्य थे जिन्हें इस कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर पद पर साल 1980 में नियुक्त किया गया था। इसके अलावा साल 1965 से ही इस परिवार की कंपनी में 18.4 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी भी है।

पलोनजी शापोरजी मिस्त्री साल 2004 में निदेशक (डायरेक्टर) पद से रिटायर हो गए थे। इसके बाद टाटा संस के बोर्ड में साइरस मिस्त्री को निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया था। न तो पलोनजी शापोरजी मिस्त्री की नियुक्ति और न ही साइरस मिस्त्री की नियुक्ति सही आधार पर की गई थी। टाटा संस ने आगे कहा कि सही मायनों में वो रतन टाटा ही थे जिन्होंने साइरस मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड में निदेशक के तौर पर नियुक्त किया था।

Posted By: Praveen Dwivedi

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